November 2, 2026
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बुधादित्य योग, गज केसरी योग व प्रीति योग में आज मनेगा गुरु पूर्णिमा पर्व: आचार्य पंडित प्रकाश चंद्र जोशी

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नैनीताल । नैनीताल के समीपवर्ती गेठियां गांव निवासी आचार्य पंडित प्रकाश चंद्र जोशी ने बताया कि बुधवार (आज) को बुधादित्य योग, गज केसरी योग व प्रीति योग में गुरु पूर्णिमा पर्व मनाया जाएगा।
आचार्य जोशी के मुताबिक  पर्व के लिए अगर शुभ मुहूर्त की बात करें तो शाम ८.०५ बजे तक पूर्णिमा तिथि रहेगी। यदि नक्षत्र की बात करें तो इस दिन उत्तराषाढ़ा नामक नक्षत्र शाम ३.३७ बजे तक है। यदि प्रीति योग की बात करें तो यह योग  मध्य रात्रि ११.५८ बजे तक रहेगा यदि चंद्रमा की स्थिति जानें तो इस दिन चंद्र देव पूर्ण रूप से मकर राशि में विराजमान रहेंगे। उन्होंने बताया कि  सनातन धर्म में गुरु पूर्णिमा पर्व बहुत महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। जहां एक ओर इस दिन पंचम वेद कहे जाने वाले धर्म ग्रंथ महाभारत के रचयिता महर्षि वेदव्यास जी का जन्मोत्सव मनाया जाता है वहीं दूसरी ओर इस दिन गुरुजनों का आदर सममान करने का विशेष दिन माना जाता है।
 बताया कि गुरु का स्थान भगवान से भी ऊंचा माना गया है। अनेकों लेखकों एवं कवियों ने गुरु की महिमा का वर्णन किया है गुरु की महिमा का वर्णन करते हुए कबीर दास जी ने कहा है:गुरु गोविंद दोऊं खड़े काके लागूं पांय। बलिहारी गुरु आपने गोविंद दियो बताए।अर्थात कबीर दास जी कहते हैं कि यदि भगवान और गुरु एक साथ खड़े हो तो सर्वप्रथम पूजनीय गुरु हैं कयोंकि उन्होंने ही सर्वप्रथम भगवान के दर्शन करने का दिशा निर्देश दिया है। यहां तक की कबीर दास जी ने गुरु की महिमा का वर्णन करते हुए आगे कहा है कि-सब धरती कागद करूं लेखनी सब वनराय। सात समंदर की मसी करूं गुरु गुन लिखा न जाए।अर्थात इस धरती के बराबर कागज हो, समस्त वृक्षों की लेखनी(कलम) बनाई जाए और सात समुद्र के जल के बराबर मसी (स्याही/इंक)  बनाई जाए इसके बावजूद भी गुरु की महिमा लिखनी कम है।गुरुर ब्रह्मा गुरुर विष्णु गुरु देवो महेश्वररू। गुरु साक्षात परम ब्रह्म तस्मै श्री गुरुवे नम:।

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