June 1, 2026
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उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद एवं टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी स्किल काउंसिल के सहयोग से

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जंगल, जन और पर्यटन को जोड़ेंगे लोहाँजुंग के प्रशिक्षित नेचुरलिस्ट कार्यक्रम का हुआ समापन

लोहाजंग चमोली। उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद (यूटीडीबी ) एवं टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी स्किल काउंसिल ( टीएचएससी) के सहयोग से आयोजित 15 दिवसीय नेचुरलिस्ट प्रशिक्षण कार्यक्रम का आज लोहाजंग में सफलतापूर्वक समापन हो गया। कार्यक्रम का संचालन समर्पित मीडिया सोसायटी द्वारा किया गया। समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में वन विभाग लोहाँजुंग के वन क्षेत्राधिकारी प्रदीप तौपाल उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में हिमालयन ईको पर्यटन स्वायत सहकारिता के अध्यक्ष भुवन चन्द्र सिंह बिष्ट एवं पूर्व प्रधानाचार्य खड़क सिंह शामिल रहे। कार्यक्रम में समर्पित मीडिया सोसायटी के अध्यक्ष पंकज शर्मा, वन विभाग के अधिकारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों की भी गरिमामयी उपस्थिति रही।
उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद की अपर निदेशक श्रीमती पूनम चन्द वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़ीं। उन्होंने कहा कि स्थानीय युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर पर्यटन से जोड़ना उत्तराखण्ड सरकार की महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने सभी प्रशिक्षुओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। प्रशिक्षण कार्यक्रम में लोहाजंग, देवाल एवं आसपास के क्षेत्रों के 40 युवाओं ने सक्रिय भागीदारी की। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को जैव विविधता, वन्यजीव संरक्षण, पक्षी पहचान, स्थानीय वनस्पतियों, प्रकृति व्याख्या कौशल, पर्यटक प्रबंधन, संचार कौशल, अतिथि सत्कार, प्राथमिक उपचार, सुरक्षा प्रबंधन तथा जिम्मेदार पर्यटन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
प्रायोगिक प्रशिक्षण के अंतर्गत प्रतिभागियों को आजन टॉप, मंडोली नेचर ट्रेल तथा बांक गांव नेचर ट्रेल का भ्रमण कराया गया। इस दौरान प्रशिक्षुओं ने क्षेत्र की जैव विविधता, प्राकृतिक संसाधनों, ट्रेकिंग मार्गों तथा पर्यटन संभावनाओं का प्रत्यक्ष अध्ययन किया और प्रकृति आधारित पर्यटन की बारीकियों को समझा।
प्रशिक्षण में शामिल अधिकांश प्रतिभागी पहले से ही ट्रैकिंग एवं नेचर गाइडिंग गतिविधियों से जुड़े हुए हैं। इस प्रशिक्षण ने उनके अनुभव और स्थानीय ज्ञान को और अधिक सशक्त बनाया है, जिससे वे पर्यटकों को बेहतर, सुरक्षित और ज्ञानवर्धक अनुभव प्रदान कर सकेंगे।मुख्य अतिथि प्रदीप तौपाल ने कहा कि प्रशिक्षित नेचुरलिस्ट भविष्य में वन विभाग और स्थानीय समुदाय के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी बनेंगे। उन्होंने कहा कि प्रकृति संरक्षण, स्थानीय आजीविका और पर्यटन विकास को एक साथ आगे बढ़ाने में इन युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रहेगी। समारोह में सभी सफल प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि यह प्रशिक्षण केवल एक प्रमाण-पत्र प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि स्थानीय युवाओं को अपने प्राकृतिक संसाधनों, संस्कृति और पर्यटन संभावनाओं से जोड़ने का एक सशक्त प्रयास है। कार्यक्रम के अंत में यह संकल्प लिया गया कि आने वाले समय में वन विभाग, स्थानीय समुदाय और प्रशिक्षित नेचुरलिस्ट मिलकर लोहाजंग क्षेत्र में जिम्मेदार पर्यटन को बढ़ावा देंगे, पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य करेंगे तथा स्थानीय युवाओं के लिए नए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर विकसित करेंगे।

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