फिल्म दिव्य माँ का जर्मनी के प्रतिष्ठित ग्रीन स्क्रीन अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में चयन
उत्तराखंड के किंग कोबरा पर बनी है यह फिल्म

नैनीताल । देवभूमि उत्तराखंड के विशाल एवं दुर्लभ किंग कोबरा पर आधारित वन्यजीव डॉकयूमेंट्री फि ल्म दिव्य माँ को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। इस फिल्म का चयन जर्मनी में आयोजित होने वाले विश्वप्रसिद्ध ग्रीन स्क्रीन इंटरनेशनल फि ल्म फेस्टिवल में प्रदर्शन हेतु आधिकारिक रूप से किया गया है। यह प्रतिष्ठित महोत्सव आगामी ९ से १३ सितंबर तक आयोजित होगा।
बता दें फि ल्म का निर्माण प्रखयात वन्यजीव फ ोटोग्राफ र एवं पद्मश्री नैनीताल निवासी अनूप साह तथा वन्यजीव प्रेमी एवं संरक्षणवादी पार्थ शर्मा द्वारा किया गया है। फि ल्म का निर्देशन प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक अजय सूरी ने किया है। फिल्म की शूटिंग पूरी तरह कुमाऊँ और गढ़वाल के विभिन्न क्षेत्रों में लगभग १८ महीनों तक अत्यंत कठिन एवं चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में की गई है।दिव्य माँ अपने नाम की तरह ही एक अनूठी और प्रभावशाली फि ल्म उत्तराखंड के जंगलों में पाए जाने वाले किंग कोबरा की रहस्यमयी और कम ज्ञात दुनिया को दर्शाती है तथा इस अद्वितीय सर्प की पारिस्थितिक महत्ता को उजागर करती है। फि ल्म प्रकृति, पौराणिक मान्यताओं, संरक्षण और हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र के नाजुक संतुलन के संबंध को बेहद सुंदर तरीके से प्रस्तुत करती है।फिल्म में विशेष रूप से मादा किंग कोबरा के असाधारण नेस्टिंग व्यवहार और एक माँ के रूप में उसके सर्वोच्च त्याग को दर्शाया गया है जो पशु जगत में अत्यंत दुर्लभ माना जाता है और किसी अन्य सर्प प्रजाति में लगभग देखने को नहीं मिलता।इस प्रतिष्ठित जर्मन फिल्म महोत्सव में फिल्म का चयन उत्तराखंड तथा भारतीय वन्यजीव सिनेमा के लिए गर्व का विषय माना जा रहा है। ग्रीन स्क्रीन को विश्व के अग्रणी वन्यजीव एवं प्रकृति आधारित फिल्म महोत्सवों में गिना जाता है जहाँ दुनिया भर की उत्कृष्ट फिल्मों का प्रदर्शन किया जाता है।





















