११वें हिमालयन इकोज का
स्विस तीर्थ यात्री और निर्भीक कहानियों के साथ हुआ भव्य समापन




नैनीताल। सरोवर नगरी के प्रतिष्ठित एबॉट्सफोर्ड एस्टेट में ११वें संस्करण ने नए दशक के पहले अध्याय का समापन स्विट्जरलैंड और उत्तराखंड की आवाजों के साथ किया। नैनीताल हिमालयी साहित्य, कला और पारिस्थितिकी को समर्पित भारत के विशिष्ट उत्सव हिमालयन इकोज के ११वें संस्करण का शनिवार को नैनीताल स्थित एबॉट्सफोर्ड एस्टेट में समापन हुआ।
बता दें भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद और उत्तराखंड पर्यटन के सहयोग से आयोजित इस दो दिवसीय उत्सव में भारत, नेपाल, भूटान, स्विट्जरलैंड, रूस और फ्रांस के लेखक कलाकार और विचारक एक मंच पर मौजूद रहे। दूसरे दिन के सत्र लेखन रिट्रीट की कला: हिमालयन राइटिंग रिट्रीट सातखोल के सह.संस्थापक चेतन महाजन ने दिन की शुरुआत की। उन्होंने उन चुनौतियों पर बात की जिनका सामना किसी ऐसे व्यक्ति को करना पड़ता है जो लेखन के लिए पहाड़ों में बसने जैसा रास्ता चुनता हैे कयोंकि लेखन को अकसर वास्तविक पेशा नहीं माना जाता। उत्सव के पहले स्विस वक्ता बेंजामिन बेन बाबा वियात १८ देशों से होकर १४ हजार किलोमीटर पैदल यात्रा करते हुए भारतीय हिमालय पहुँचे। उन्होंने न्यूज एकस के वरिष्ठ संपादक उदय प्रताप सिंह के साथ संवाद किया।इस अवसर पर उन्होंने अपनी पुस्तक एन एसपीडिशन इनटू द माइंड का विमोचन किया, जो अंग्रेजी और तिब्बती भाषाओं में लिखी गई है। शिंजिनी कुमार ने शिक्षा उद्यमी और करियर मेंटर कविता सिंह के साथ संवाद किया। साहित्य अकादमी पुरस्कार से सममानित पारो आनंद ने नैनीताल में जन्मे लेखक और नैनीताल डायरीज के लेखक शिवेश्वर राज सिंह के साथ संवाद किया। नई दिल्ली में रहने वाले लेखक और वकील सत्यजीत सरना ने द इंडियन एकसप्रेस की संचार प्रमुख अंबरीन खान के साथ संवाद किया।उत्सव समन्वय प्रमुख अंकिता जैन, सुखमोय मजूमदार, माउंटेन विलेज फाउंडेशन की संस्थापक कीवा सिंह, पाखी पांडे और निखिल अनादी सिंह शामिल हैं। समापन के मौके पर अंत में कार्यक्रम आयोजक जान्हवीं प्रसादा ने सभी का आभार जताया। इस मौके पर सुखमें मजूमदार, पाखी सहित अन्य सदस्य मौजूद थे।

























