दूषित पानी पीने की वजह से ग्रामीण बड़े पैमाने पर पीलिया टाइफाइड और लीवर इंफेशन जैसी गंभीर जलजनित बीमारियों का हुए शिकार अभी तक सरियाताल वर्गोमेंट क्षेत्र में नहीं पहुंची मेडिकल टीम
नैनीताल । सरोवर नगरी के समीपवर्ती सरियाताल वर्गोमेंट क्षेत्र में पेयजल संकट के साथ स्वास्थ्य आपातकाल जैसे हालात बन गए हैं। पिछले एक महीने से लगातार सीवर मिला दूषित पानी पीने की वजह से ग्रामीण बड़े पैमाने पर पीलिय, टाइफ ाइड और लीवर इंफेशन जैसी गंभीर जलजनित बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। मामला बिगडऩे पर सीएमओ ने क्षेत्र में तत्काल मेडिकल टीम भेजने और जांच शिविर लगाने के स्पष्ट लिखित निर्देश दिए थे लेकिन विभागीय लापरवाही के चलते स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुँची।दिनभर टीम का इंतजार करने के बाद बीमार ग्रामीणों को मायूस होकर वापस लौटना पड़ा। स्वास्थ्य विभाग के इस रवैये और पेयजल निगम की अनदेखी से स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश व्याप्त है।प्रशासनिक लापरवाही पर रोष व्यक्त करते हुए मनोज कांडपाल ने कहा कि पिछले एक माह से ग्रामीण गंदा पानी पीने को विवश हैं। दूषित पानी की आपूर्ति ने पूरे गाँव को बीमारी की चपेट में धकेल दिया है लेकिन अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही वहीं पूर्व उप प्रधान संजय भंडारी व उप प्रधान लछम सिंह समेत छेत्रपाल सिंह बिष्ट, लाल सिंह, मीनाक्षी व जितेंद्र पाठक ने आरोप लगाया कि सीएमओ के स्पष्ट लिखित आदेशों के बाद भी मेडिकल टीम का न पहुँचना सीधे तौर पर ग्रामीणों के स्वास्थ्य और जीवन खिलवाड़ है। यदि समय पर जांच और इलाज नहीं मिला तो स्थिति और भी विस्फोटक हो सकती है। कहा कि अगर जल्द से जल्द सीवर लाइन और पानी की आपूर्ति को दुरुस्त नहीं किया गया और मेडिकल कैंप नहीं लगाया गयाए तो ग्रामीण उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।




















