भीमताल-नौकुचियाताल
जंगलिया गांव पहाड़ी सड़क होते हुए वार्ड 3 नौल-बिजरौली में भारी हुई तबाही
नगर मे जनजीवन अस्त-व्यस्त शासन-प्रशासन की खुली पोल


भीमताल नैनीताल।भीमताल क्षेत्र में पिछले 48 घंटों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। जगह-जगह जलभराव, मलबा,मार्ग ध्वस्त और सड़कें बाधित होने से आम जनता काफी परेशान है। बता दे
भीमताल-नौकुचियाताल मुख्य पर्यटन सड़क 6 किमी बाधित: उत्तराखंड को पर्यटन प्रदेश कहाँ जाता है, लेकिन दो झीलों के बीच की मात्र 6 किमी मुख्य पर्यटन सड़क जगह-जगह तबाह हो गई है। गाड़ियां फंस रही हैं, भारी जाम लगा है। जंगलिया गांव पहाड़ी सड़क होते हुए वार्ड 3 नौल-बिजरौली में भारी तबाही हुई है। नगर पालिका का 1.5 किमी सार्वजनिक रास्ता रोड़ा, रेत, मिट्टी, मलबे से पूरी तरह भर गया है टूट गया है । यह मलबा आईटीआई मार्ग होते हुए पर्यटन मुख्य सड़क नौकुचियाताल पर जमा हो गया है, जिससे कीचड़ और मलबे से भारी तबाही मची है। समय रहते इस मार्ग और नाले पर कार्य हुआ होता तो आज यह मंजर देखने को नहीं मिलता। पर्यटकों की गाड़ियां फंस रही है l
बाईपास नाले में 4 साल की बच्ची की मौत: कल सुबह भीमताल बाईपास नाले में 4 वर्षीय बच्ची बह गई और उसकी दर्दनाक मौत हो गई, जिससे पूरे नगर में शोक की लहर है।
मेहरा गाँव स्थित खुटानी नाले ने मचाई सबसे ज्यादा तबाही: मेहरा गाँव, खुटानी से आने वाले नाले ने ब्लॉक रोड, विकास भवन, सिडकुल, बाईपास, जून स्टेट वार्ड 6,7,8,9 में सबसे अधिक तबाही मचाई है। इस नाले से रोड़ा-बजरी, रेत-मिट्टी सीधे भीमताल झील में जा रही है, जिससे झील में गाद जमा हो रही है।
सामाजिक कार्यकर्ता पूरन बृजवासी ने कहा कि वे साल 2012 से लगातार पत्राचार कर, माननीयों, सबंधित अधिकारियों, जिला प्रशासन को ज्ञापन देकर आपदा आने वाली नगर अंतर्गत सभी जगहों का सुधार एवं रोकथाम की माँग कर रहे हैं और 2016-17 से विकास भवन में अब तक कई बार समीक्षा बैठक कराकर जिला प्रशासन, सिंचाई विभाग, नगर पालिका, राजस्व विभाग और प्राधिकरण विभाग को भीमताल के पूरे ड्रेनेज सिस्टम और आपदाग्रस्त नालों के बारे में अवगत कराते आ रहे हैं। लेकिन धरातल पर कोई स्थायी काम नहीं हुआ।
मांग: जून स्टेट, ठकुड़ा, मेहरा गाँव, खुटानी, गोरखपुर, बाईपास, ब्लॉक रोड, रामनिवास, बिलासपुर, नौल, बिजरौली, शाहखोला सहित नगर के 9 वार्डों में आपदा आने वाली जगहों, नालों, सड़कों, मार्गों सभी का दूरदर्शी उच्च कोटि का सुधार किया जाए। हर वर्ष इन जगहों पर भारी नुकसान हो रहा है। आपदा संकट मोचन मद, विभागीय मद, जिला योजना, राज्य योजना आदि मदों से इनका स्थायी उपचार एवं रोकथाम किया जाए।
जिलाधिकारी नैनीताल तत्काल मामले को संज्ञान लेकर स्थाई समाधान करे, शहर अंतर्गत सभी कलमट और नालियां खोली जाएं, सभी नालों के मुहानों से अतिक्रमण हटे, आपदा और जेसीबी से टूटी पेयजल लाइनें ठीक हों, खुटानी नाले, बिजरौली नाले पर चेक डैम, सिल्ट ट्रैप, जाल लगाकर ड्रेनेज सिस्टम में शीघ्र सुधार हो।




















