September 22, 2026
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दिनेश चंद्र उपाध्याय हत्याकांड:

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तीसरे आरोपी रोहित बिष्ट की जमानत अर्जी खारिज

जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रशांत जोशी की अदालत का आया फैसला

नैनीताल। जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रशांत जोशी ने दिनेश चंद्र उपाध्याय हत्याकांड के तीसरे आरोपी रोहित बिष्ट की जमानत अर्जी को अपराध की गंभीरता को देखते हुए खारिज कर दी।
बता दें आरोपी रोहित बिष्ट (निवासी ग्राम बगड़ मल्लीताल) पर भारतीय न्याय संहिता की धारा १०३(१) और २३८ तथा ३(५) के तहत मामला दर्ज है। अभियोजन पक्ष के अनुसार अल्मोड़ा निवासी मृतक दिनेश चंद्र उपाध्याय भुजियाघाट में काम करता था जिसे गत २२ अप्रैल २०२६ को आरोपी रोहित बिष्ट होटल स्टाफ के साथ नैनीताल घुमाने लाया था और वहां अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर इस पूरी वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस जांच और सह आरोपी कमल के बयानों से सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि आरोपी मृतक दिनेश को शराब पिलाने के बहाने टूटा पहाड़ से आगे ले गए। वहां मौका पाकर उन्होंने दिनेश की हत्या कर दी और साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को गहरी खाई में फेंक दिया। मामले में जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) सुशील कुमार शर्मा ने जमानत का कड़ा विरोध करते हुए दलील दी कि तीनों आरोपियों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज है। इसके अलावा घटना से पहले तीनों को मृतक के साथ देखे जाने और होटल में आने.जाने के पुखता सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल सीडीआर जैसे वैज्ञानिक साक्ष्य मौजूद हैं जो आरोपियों की लोकेशन और आपसी बातचीत की पुष्टि करते हैं।
अदालत में पेश की गई पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने आरोपियों की क्रूरता को और उजागर किया। डाकटर के बयानों के अनुसार मृतक के सिर की हड्डियां बुरी तरह फ्रैक्चर थीं जो केवल खाई में गिरने से नहीं आ सकती थीं। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि यदि गंभीर रूप से घायल दिनेश को एक घंटे के भीतर इलाज मिल जाता तो उसकी जान बच सकती थी।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रशांत जोशी ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और मामले की अत्यधिक संवेदनशीलता व क्रूरता को देखते हुए आरोपी रोहित बिष्ट की जमानत याचिका को पूरी तरह निरस्त कर दिया।

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