नैनीताल में मनाई गई ऑपरेशन सिंदूर की प्रथम वर्षगांठ

नैनीताल । सरोवर नगरी में 05 यूके नेवल सब यूनिट एनसीसी डीएसबी परिसर कुमाऊँ विश्वविद्यालय नैनीताल द्वारा बीरवार को द हर्मिटेज में ऑपरेशन सिंदूर की प्रथम वर्षगांठ के अवसर पर जागरूकता एवं स्मृति कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आईटीइपी विभाग के विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लेकर वर्षगांठ मनाई।
नैनीताल ग्रुप एनसीसी के ग्रुप कमांडर कमोडोर रिची रंजन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आज भारतीय सशस्त्र बल केवल दुश्मनों का विनाश करने तक सीमित नहीं हैं बल्कि वैश्विक शांति, मानवीय सहायता और आपदा प्रबंधन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि यह अभियान भारतीय सशस्त्र बलों की सटीक रणनीति व साहस और समन्वित कार्यप्रणाली का उत्कृष्ट उदाहरण है। इस ऑपरेशन ने यह सिद्ध किया कि भारत अपनी सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए हर स्तर पर सक्षम और तत्पर है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के अभियानों से न केवल दुश्मनों को कड़ा संदेश मिलता है बल्कि देशवासियों में विश्वास और सुरक्षा की भावना भी सुदृढ़ होती है। साथ ही उन्होंने कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में युवाओं को तकनीकी दक्षताए मानसिक सुदृढ़ता एवं नेतृत्व क्षमता विकसित करनी होगी। उन्होंने कैडेट्स से आह्वान किया कि वे अनुशासनए समर्पण और देशभक्ति के मूल्यों को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं।
कमांडिंग ऑफिसर कैप्टन मृदुल साह ने कैडेट्स को संबोधित करते हुए अनुशासन नेतृत्व और समर्पण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एनसीसी युवाओं को जिममेदार नागरिक बनाने का सशक्त माध्यम है और कैडेट्स को अपने कर्तव्यों के प्रति सदैव सजग रहना चाहिए।सब लेफिटनेंट प्रोण् रीतेश साह ने अपने उद्बोधन में ऑपरेशन सिंदूर के महत्व पर चर्चा करते हुए कहा कि यह अभियान भारतीय सशस्त्र बलों की रणनीतिक दक्षता और साहस का प्रतीक है। उन्होंने कैडेट्स से राष्ट्र सेवा की भावना को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।इस अवसर पर कैडेट्स द्वारा ऑपरेशन सिंदूर की थीम पर समूह गीत एवं समूह नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियाँ दी गईंए जिससे पूरा वातावरण देशभक्ति से ओतप्रोत हो गया। कार्यक्रम का संचालन कैडेट गौरव ने किया। कार्यक्रम में मुखय प्रशिक्षक अरविंद, विक्रांत एवं दीपक सहित कैडेट साकेत, प्राकय, आरोही, दिव्या, जाह्नवी, मानवी, हर्षिता,





















