साइबर ठगी से बचाव को लेकर नैनीताल पुलिस ने जारी की एडवाइजरी
बताया थोड़ी सी लापरवाही भी लोगों के बैंक खाते खाली करा सकती है

नैनीताल । साइबर अपराध की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए नैनीताल पुलिस ने आमजन को साइबर अपराधों से बचाने के लिए जागरूकता अभियान चलाते हुए महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है।
पुलिस ने कहा है कि थोड़ी सी लापरवाही भी लोगों के बैंक खाते खाली करा सकती हैए इसलिए नागरिकों को ऑनलाइन गतिविधियों के दौरान विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। पुलिस कप्तान डॉ. मंजूनाथ टीसी की ओर से जारी एडवाइजरी के अनुसार व्हाट्सएप या अन्य माध्यमों से चालान, शादी कार्ड तथा बिजली बिल या बैंक अपडेट के नाम पर भेजी जाने वाली एपीके फ ाइलें खतरनाक हो सकती हैं। ऐसी फाइल डाउनलोड करते ही मोबाइल हैक होने और बैंक खाते तक साइबर ठगों की पहुंच बनने का खतरा रहता है। चेताया है कि गूगल पर उपलबध हर कस्टमर केयर नंबर भरोसेमंद नहीं होता। साइबर अपराधी फर्जी नंबर डालकर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। किसी भी बैंक या सेवा का नंबर केवल आधिकारिक वेबसाइट या एप से ही प्राप्त करने की सलाह दी गई है। पुलिस ने बताया कि क्रेडिट कार्डए केवाईसी अपडेट या सेवा बंद होने के नाम पर फोन करने वाले ठग लोगों से ओटीपी, सीवीवी, पिन और स्क्रीन शेयरिंग की जानकारी मांगते हैं। बैंक कभी भी फोन पर ऐसी गोपनीय जानकारी नहीं मांगते। जानकारी साझा करते ही खाते से रकम निकाली जा सकती है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भारी डिस्काउंट वाले विज्ञापनों और फर्जी शॉपिंग लिंक से भी सावधान रहने को कहा गया है। केवल वेरिफाइड एप और विश्वसनीय वेबसाइट से ही खरीदारी करने की सलाह दी गई है। एडवाइजरी में अनजान लोन एप डाउनलोड न करने की भी अपील की गई है। पुलिस के मुताबिक कई फर्जी एप मोबाइल डेटाए फ ोटो और संपर्क नंबर चोरी कर बलैकमेलिंग व धोखाधड़ी करते हैं। नैनीताल पुलिस ने लोगों से साइबर ठगी होने पर तुरंत १९३० हेल्पलाइन या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने को कहा गया है।





















