September 24, 2026
ww yyyy ppp new lll mkl

किसानों को हो रही खाद उर्वरक की गंभीर समस्या पर

0
1003838637
222 aaaa bbb cccc dddd eeee ffff gggg hhhh iii jjjj kkkk lll mmm nnnn ooo pppp qqq zzzzz

नेता प्रतिपक्ष यशपाल ने की चिंता व्यक्त

दिया सुझाव कि खाद वितरण प्रणाली को बनाया जाए डिजिटल

नैनीताल। उत्तराखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने प्रदेश के किसानों को हो रही खाद (उर्वरक) की गंभीर समस्या पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह समस्या केवल खाद की कमी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके वितरण, बढ़ती कीमतों और प्रबंधन की खामियों से भी जुड़ी हुई है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि बुवाई के महत्वपूर्ण समय पर किसानों को यूरिया और डीएपी जैसी आवश्यक खाद उपलब्ध नहीं हो पा रही है, जिससे फसलों की उत्पादकता पर सीधा असर पड़ रहा है। कई स्थानों पर कालाबाजारी और जमाखोरी के कारण कृत्रिम संकट उत्पन्न किया जा रहा है, जिससे किसानों को ऊँचे दामों पर खाद खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सहकारी समितियों और सरकारी वितरण केंद्रों पर अव्यवस्था, लंबी कतारें और सीमित स्टॉक के कारण किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं डीएपी जैसी खाद की बढ़ती कीमतों ने किसानों की लागत को और बढ़ा दिया है, जिससे उनका मुनाफा लगातार घट रहा है। इस स्थिति में छोटे और सीमांत किसान सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। श्री आर्य ने सरकार से मांग की है कि किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के लिए बुवाई से पहले पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित किया जाए। साथ ही कालाबाजारी और जमाखोरी पर रोक लगाने के लिए सख्त निगरानी और प्रभावी कार्रवाई की जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि खाद वितरण प्रणाली को डिजिटल बनाया जाए, ताकि पारदर्शिता बढ़े और किसानों को आसानी से खाद मिल सके। इसके अलावा जैविक और वैकल्पिक खाद जैसे वर्मी कम्पोस्ट और गोबर खाद को बढ़ावा देने के साथ-साथ किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग और आधुनिक तकनीकों के प्रति जागरूक किया जाए।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यदि सरकार ने इस गंभीर समस्या पर शीघ्र प्रभावी कदम नहीं उठाए, तो किसानों की आजीविका पर गहरा संकट उत्पन्न हो सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *