September 26, 2026
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राष्ट्रीय विज्ञान दिवस विशेष

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भारत सरकार ने 28 फरवरी 1986 को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस किया था घोषित

नैनीताल। सरोवर नगरी राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 28 फरवरी सी.वी. रमन की खोज (रमन प्रभाव) को सम्मानित करने के लिए मनाया जाता है। 1930 में उन्हें नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया । विद्यार्थियों को विज्ञान के प्रति आकर्षित करने तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना इसका उद्देश्य है । भारत सरकार ने 28 फरवरी 1986 को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस घोषित किया।
“विद्या वितर्को विज्ञानं स्मृतिः तत्परता क्रिया।
यस्यैते षड्गुणास्तस्य नासाध्यमतिवर्तते॥”
अर्थात ज्ञानतर्कविज्ञानस्मरणतत्परताऔर कर्म – इन छह गुणों वाले व्यक्ति के लिए कुछ भी असाध्य नहीं है । इसीलिए कहा गया है
“जाड्यं धियो हरति सिंचति वाचि सत्यं , अर्थात विज्ञान ज्ञान बुद्धि की जड़ता को दूर करता है और वाणी में सत्य लाता है।राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2026 की थीम “विज्ञान में महिलाएं: विकसित भारत को गति देने वाली शक्ति” की थीम रखी गई है । जो महिला सशक्तिकरण को समर्पित है ।यह विषय अनुसंधान और विकास में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने तथा विकसित भारत के निर्माण में उनकी भूमिका को रेखांकित करने पर केंद्रित है। यह दिवस हमें अनुसंधान एवं नवाचारों को बढ़ावा देने को सीख देता है ।पुराणों में आधुनिक विज्ञान के कई गूढ़ रहस्य जैसे ब्रह्मांड की उत्पत्ति विस्फोट सिद्धांत खगोल विज्ञान (ग्रह-नक्षत्र)और गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत प्रतीकात्मक रूप में मौजूद हैं। वायु पुराण में भौगोलिक और खगोलीय विवरण हैं जबकि अन्य पुराणों में समय की लंबी गणना सृष्टि का विकास और जीव विज्ञान के संकेत मिलते हैं।
इसलिए
वैज्ञानिक दृष्टिकोण सभी के लिए जरूरी है “अयम निजः परो वेति गणना लघु चेतसाम्” – यह मेरा है वह दूसरे का है ऐसी सोच छोटी मानसिकता की होती है; विज्ञान पूरे विश्व को एक मानता है। 2047 में विकसित भारत के लिए वैज्ञानिक क्रियान्वयन मूल स्तंभ है । एडिसन ने बल्ब न बनाया होता तो अंधकार में उजाला कैसे फैलता ।अतः प्राणिमात्र की खुशहाली के लिए विज्ञान का दृष्टिकोण आवश्यक है । जय विज्ञान जय इंसान ।

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