September 26, 2026
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स्वच्छ जल स्वच्छ मन अभियान के चौथे चरण का भव्य एवं प्रेरणास्पद आयोजन

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सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित जी के मार्गदर्शन मैं हुआ

हल्द्वानी नैनीताल। स्वच्छ जल स्वच्छ मन अभियान के चौथे चरण का भव्य एवं प्रेरणास्पद आयोजन सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित जी के मार्गदर्शन आज रविवार आयोजित किया गया। बता दे यह अभियान आज देश के 25 राज्यों, केन्द्रशासित प्रदेश के 930 शहरों के 1600 से अधिक स्थानों पर सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। जिसमें लगभग 12 लाख से अधिक स्वयं सेवकों ने प्रति भाग किया। यह अभियान जल प्रकृति का अमूल्य उपहार है, जीवन की आधारशिला और मानव सभ्यता की जीवनरेखा। जब यह जल स्वच्छ और संरक्षित रहता है, तो केवल पर्यावरण ही नहीं, समाज का सामूहिक स्वास्थ्य और संतुलन भी सुदृढ़ होता है। इसी विचार को साकार रूप देते हुए प्राकृतिक जल स्रोतों, नदियों, तालाबों, झीलों और समुद्री तटों की निस्वार्थ भाव से स्वच्छता एवं संरक्षण का व्यापक अभियान आज जन-जन के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रहा है। यह पहल केवल सफाई तक सीमित नहीं, बल्कि जागरूकता, जिम्मेदारी और सामूहिक सहभागिता का सशक्त संदेश है। ‘यह केवल एक पर्यावरणीय प्रयास नहीं, बल्कि अध्यात्म, सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व का अद्भुत समन्वय था, जो जन-जन के अंतर्मन को स्पर्श करते हुए जागरूकता एवं कर्तव्यबोध की भावना को और अधिक सुदृढ़ बनाता है।

परम श्रद्धेय सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं सत्कार योग्य निरंकारी राजपिता रमित जी के पावन आशीर्वाद से हल्द्वानी के मेयर श्री गजराज बिष्ट जी एवं उत्तराखंड राज्य सरकार के दर्जा राज्यमंत्री माननीय श्री दिनेश आर्या जी के करकमलों से चित्रशिला घाट गार्गी नदी और विद्युत शवदाह गृह पर सफाई अभियान का शुभारंभ किया गया साथ में हल्द्वानी क्षेत्र के संयोजक श्री आनंद सिंह नेगी जी व् क्षेत्रिय संचालक श्री दीपक वाही दोनों अतिथियों का स्वागत किया। हल्द्वानी मेयर श्री गजराज बिष्ट जी ने निरंकारी मिशन के द्वारा की जा रही सफाई अभियान की भूरी भूरी प्रशंसा की । जिस तरह हमारे घरों की सफाई होती है ठीक उसी तरह पूरे घाट की सफाई में लगभग 500 वालंटियर पूर्ण समर्पित होकर सेवा की । बाबा हरदेव सिंह जी के जन्मदिन की उपलक्ष्य पर यह कार्यक्रम पूरे समाज को समर्पित किया गया । माननीय राज्य मंत्री जी द्वारा कहा गया कि सतगुरु माता सुदीक्षा जी का आभार व्यक्त करता हूं और उन्होंने कहा कि इस परियोजना का उद्देश्य जल संरक्षण एवं स्वच्छता के प्रति जागरूक करना है, ताकि भावी पीढ़ियों को निर्मल जल और स्वस्थ पर्यावरण का वरदान प्राप्त हो सके।

संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन के सचिव ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इस अभियान का शुभारम्भ सेवादल के प्रार्थना गीत से हुआ, जिससे संपूर्ण वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत हो उठा। इस अवसर पर देशभर में प्रसारित दिशा-निर्देशों का पूर्णतः पालन सुनिश्चित करते हुए सुरक्षा, अनुशासन एवं स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान की गई, जो आयोजन की सुव्यवस्थित एवं संस्कारित कार्यशैली को दर्शाता है।

आज के दिन एक विशेष सत्संग कार्यक्रम में सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज ने अपने अमृतमय प्रवचनों में फरमाया कि बाबा जी की शिक्षाएँ केवल स्मरण करने के लिए नहीं, बल्कि जीवन में उतारने के लिए हैं। सतगुरु माता जी ने कहा कि सच्ची श्रद्धांजलि शब्दों से नहीं, बल्कि कर्मों से दी जाती है। यदि हम स्वयं को उनके अनुयायी कहते हैं, तो हमें आत्ममंथन करना होगा कि क्या हम वास्तव में प्रेम, सेवा, करुणा और समदृष्टि जैसे मानवीय गुणों को अपने जीवन में धारण कर रहे हैं। बाबा हरदेव सिंह जी महाराज का सम्पूर्ण जीवन मानव कल्याण को समर्पित रहा। उन्होंने सिखाया कि सेवा, सुमिरन और सत्संग जीवन का आधार हैं। भक्ति केवल वाणी तक सीमित न रहे, बल्कि व्यवहार में झलके – यही उनका स्पष्ट संदेश था।

उल्लेखनीय है कि संत निरंकारी मिशन समय-समय पर समाजोपयोगी एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी विविध परियोजनाओं में सक्रिय योगदान देता रहा है। ‘वननेस वन’ अभियान के माध्यम से वृक्षारोपण और ‘प्रोजेक्ट अमृत’ के माध्यम से जल संरक्षण की दिशा में किए जा रहे ये प्रयास मानवता और प्रकृति के मध्य सामंजस्य स्थापित करने की एक सशक्त एवं प्रेरक पहल हैं।

निःसंदेह, ‘स्वच्छ जल, स्वच्छ मन’ का यह संदेश केवल एक अभियान नहीं, बल्कि एक जीवन-दर्शन है, जो जल की धाराओं में निर्मलता स्थापित करने के साथ ही मन की गहराइयों में चेतना को आलोकित करता है। यही ऊर्जा आने वाली पीढ़ियों के लिए एक संतुलित, सुरक्षित और शाश्वत भविष्य की आधारशिला बनाती है।

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