September 26, 2026
ww yyyy ppp new lll mkl

श्री राम सेवक सभा के तत्वाधान में

0
1002678998
222 aaaa bbb cccc dddd eeee ffff gggg hhhh iii jjjj kkkk lll mmm nnnn ooo pppp qqq zzzzz

मकर संक्रांति पर खिचड़ी भोज व

बसंत पंचमी पर सामूहिक उपनयन संस्कार होगा आयोजित

नैनीताल। सरोवर नगरी की प्राचीनतम धार्मिक ,संस्कृति तथा सामाजिक संस्था 1918 में स्थापित श्री राम सेवक सभा वर्षों से धार्मिक सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करती आ रही है । इस वर्ष 2026 में मकर संक्रांति पर खिचड़ी भोज व 23 जनवरी 2026 को बसंत पंचमी के अवसर पर सामूहिक उपनयन संस्कार आयोजित किया जाएगा। इस संदर्भ में सभा के अध्यक्ष मनोज साह तथा महासचिव जगदीश बावरी ने बताया कि जो भी अपने बच्चों का उपनयन संस्कार कराना चाहते हो उन्हें पूर्व में सभा में पंजीकरण करना अनिवार्य है ।यज्ञोपवीत संस्कार, जिसे उपनयन संस्कार भी कहते हैं, यह एक महत्वपूर्ण संस्कार है जो बालक को शिक्षा और आध्यात्मिक ज्ञान के लिए गुरु के पास ले जाने का प्रतीक है, जिसमें बालक को यज्ञोपवीत (जनेऊ) पहनाया जाता है और ब्रह्मचर्य व्रत का पालन करते हुए वैदिक शिक्षा शुरू करने की दीक्षा दी जाती है ।जो यह बालक को “द्विज” (दो बार जन्मा) बनाता है, एक भौतिक जन्म और दूसरा आध्यात्मिक ज्ञान के माध्यम से। यज्ञोपवीत के धागे तीन मुख्य ऋणों (ऋषि, देव, पितृ) और नौ अन्य गुणों (जैसे तप, सत्य, ब्रह्मचर्य आदि) के प्रतीक होते हैं, जो धारण करने वाले को याद दिलाते हैं कि उसे जीवन में इन गुणों को धारण करना है और अपने कर्तव्यों का पालन करना है। यह संस्कार व्यक्ति को पशुता त्यागकर मनुष्यत्व की ओर ले जाने का संकल्प है। उपनयन या यज्ञोपवीत संस्कार इस संस्कार में मुंडन, चंदन लेप, हवन, गायत्री मंत्र का जाप, गुरु मंत्र दीक्षा और भिक्षाटन जैसे अनुष्ठान शामिल होते हैं, जिसके बाद बालक को ब्रह्मचर्य का पालन करना होता है। श्री राम सेवक सभा उससे एक दशक से आयोजित कार्य आरही है।बसंत पंचमी (वसंत के पाँचवें दिन) ज्ञान और विद्या की देवी सरस्वती को समर्पित एक शुभ पर्व है, जो वसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक है और इसी दिन अक्षरारंभ, मुंडन, और खास तौर पर उपनयन (जनेऊ) संस्कार जैसे कई शुभ कार्य किए जाते हैं, क्योंकि इसे ‘अबूझ मुहूर्त’ माना जाता है, जो बिना पंचांग देखे भी शुभ कार्यों के लिए उत्तम होता है, और इस दिन बच्चे वेदों के अध्ययन और गुरु-शिष्य परंपरा का पालन करने के लिए जनेऊ धारण करते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *