September 25, 2026
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उत्तराखंड क्रांति दल के कार्यकर्ताओं ने

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पूर्व विधायक दिवाकर भट्ट एवं सी पी आई नेता कॉमरेड राजा बहुगुणा के सम्मान मैं श्रद्धांजलि सभा आहुत की

नैनीताल। सरोवर नगरी के राज्य अतिथि गृह सभागार में उत्तराखंड क्रांति दल नैनीताल इकाई की अगुवाई मैं राज्य आंदोलनकारी यू के डी के पूर्व विधायक दिवाकर भट्ट एवं सी पी आई नेता कॉमरेड राजा बहुगुणा के सम्मान मैं श्रद्धांजलि सभा आहुत की गई। श्रद्धांजलि सभा मैं नैनीताल शहर के प्रबुद्ध जन, अधिवक्ता, शिक्षक, कर्मचारी नेता व रंगकर्मी सम्मिलित हुए। सभा की अध्यक्षता नैनीताल नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष श्याम नारायण द्वारा की गई। सभागार मैं कार्यक्रम की शुरुवात दिवाकर भट्ट एवं राजा बहुगुणा के चित्रों पर पुष्पाजलि कर की गई। सभा मैं अपने विचार वयक्त करते हुए पूर्व विधायक डॉ नारायण सिंह जंतवाल ने कहा कि दिवाकर भट्ट जी मैं आंदोलनकारी का मजबूत जज्बा था, वो जीवन पर्यंत राज्यवासिओं की पीड़ा की लड़ाई लड़ते रहे, प्रशासन के जुल्म सहे व वयक्तिगत तख़लीफे झेली। भट्टजी ने आखरी दम तक युवाओ का आह्वान किया राज्य तो बन गया अब राज्य को बनाने की लड़ाई लड़नी है। डॉ जंतवाल ने दुःख वयक्त करते हुए कहा कि जिन मुद्दों के लिए राज्य की लड़ाई लड़ी गई वो आज भी हल नहीं हुई, ये दिल्ली की सरकारें हैं जो हाई कमांन से संचालित होती हैं उत्तराखंड वासिओं की पीड़ा से कोई लेना देना नहीं है। ये खेदजनक है राज्य स्वायत्त है, राज्य अपने हित मैं क़ानून बना सकता है लेकिन आज भी जनता आंदोलन के लिए मजबूर है। क्या कारण है आज तक राजधानी, मूल निवास, भू क़ानून जैसे अहम मुद्दे हल नहीं हुए। प्रशिद्ध वैज्ञानिक डॉ डी डी पंत ने कहा था पहाड़ परस्त नीतियां बनानी होंगी, पर्यावरण के लिए काम करना होगा वरना पूरा देश प्रभावित होगा। उत्तराखंड क्रांति दल का मानना है यह सीमांत राज्य है यदि सीमांत गाँव मैं मूल भूत सुविधा होंगी तो सीमाएं मजबूत होंगी, सुविधावों के अभाव मैं पलायन हो रहा है और चाइना लगातार आगे बड़ रहा है जो चिन्ताजनक है। राज्य को अनेक प्रतिबंधों के साथ राज्य सौपा गया, ख़ुद के संसाधनों पर राज्यवासिओ का हक़ नहीं है। राज्य वासिओं को राजनीतिक बदलाव के लिए आगे आना चाहिए। जंतवाल ने कहा कॉमरेड राजा बहुगुणा ने जीवन पर्यंत शोषित, पीड़ित, श्रमिक और आम जनता की लड़ाई लड़ी। बहगुणा जी का साफ दृस्टिकोण था। जब नशा नहीं रोजगार दो आंदोलन चल रहा था मुझे और बहगुणा जी को एक साथ हथगड़ी लगी, वो उत्तराखंड की बड़ी आवाज़ थे। सभा को पूर्व जी एम टूरिज्म डी के शर्मा, एडवोकेट कैलाश तिवारी, पान सिंह सीज़वाली, राज्य आंदोलनकारी जिलाध्यक्ष गणेश सिंह बिष्ट, रंगकर्मी विनोद कुमार, महेश जोशी, पंकज भट्ट, मनोज बिष्ट, खुर्शीद हुसैन, लीला बोरा, हेम चंद्र वारियल, कंचन चंदौला, शाकिर अली आदि ने सम्बोधित किया। सभी वक्तावों ने कहा कि जनता की बात करने वाले वक्तावों को हमने खो दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पूर्व पालिका ध्यक्ष श्याम नारायण ने कहा कि यह दुःखद है कि तन मन से अच्छे समाज के निर्माण के लिए जुल्म झेलते हुए दो रत्नो को उत्तराखंड ने खो दिया है। हम सभी का दायुत्व है जिन आदर्शो के लिए भट्टजी व कॉमरेड बहुगुणा जी ने त्याग किया उन आदर्शो, मूल्यों के लिए कार्य क़रे। इस मौके पर सभा में डॉ मनोज बिष्ट, मनोज साह, पार्वती मेहरा, समाज सेविका संध्या शर्मा, मदन सिंह, के सी उपाध्याय, पी सी पंत, भावना जोशी, रायरा, विरेन्द जोशी, प्रताप बिष्ट, इंद्र जीत बिष्ट, डी के शर्मा, धीरेन्द्र बिष्ट, नवीन जोशी, आनंद बिष्ट आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन कमलेश चंद्र पांडे ने किया।

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