September 25, 2026
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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में

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महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न
(रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013 पर कार्यशाला हुई आयोजित

महिलाओं को दी कानून की जानकारी

नैनीताल। सरोवर नगरी में शुक्रवार को मुख्यालय स्थित वन विभाग जी बी0न्त उच्च स्थलीय प्राणी उद्यान ( चिड़ियाघर) सभागार, में महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013 (पॉश एक्ट) पर कार्यशाला का आयोजन उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के दिशा निर्देशानुसार एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल / जिला न्यायाधीश हरीश कुमार गोयल के निर्देशन में सिविल जज (सी०डि०) / सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल पारुल थपलियाल के द्वारा कार्यशाला का आयोजन किया गया। शिविल जज द्वारा फॉरेस्ट गार्ड व कर्मचारि को बताया गया की पॉश अधिनियम, कार्यस्थल पर महिलाओं द्वारा सामना किये जाने वाले यौन उत्पीड़न के मुद्दे को संबोधित करने के लिये वर्ष 2013 में भारत सरकार द्वारा अधिनियमित एक कानून है। इस अधिनियम का उद्देश्य महिलाओं के लिये एक सुरक्षित एवं अनुकूल कार्य वातावरण बनाने के साथ यौन उत्पीड़न के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करना है। पॉश अधिनियम, यौन उत्पीड़न को परिभाषित करता है जिसमें अवांछित कृत्यों जैसे शारीरिक संपर्क तथा यौन प्रगति, यौन संबंधों की मांग अथवा अनुरोध, यौन टिप्पणियाँ करना, अश्लील साहित्य दिखाना एवं यौन संबंध के किसी भी अन्य प्रकृति के अवांछित शारीरिक, मौखिक या गैर-मौखिक आचरण को शामिल किया गया है।पॉश अधिनियम नियोक्ताओं पर कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न को रोकने तथा प्रतिबंधित करने का कानूनी दायित्व रखता है।यौन उत्पीड़न की शिकायतें प्राप्त करने तथा उनका समाधान करने के लिये नियोक्ताओं को 10 अथवा अधिक कर्मचारियों वाले प्रत्येक कार्यस्थल पर एक आंतरिक शिकायत समिति (ICC) का गठन करना आवश्यक हैशिकायत समितियों के पास साक्ष्य एकत्रित करने के लिये सिविल न्यायालयों की शक्तियाँ हैं।नियोक्ताओं को जागरूकता कार्यक्रम चलाने चाहिये, एक सुरक्षित कामकाज़ी माहौल प्रदान करना चाहिये साथ भी कार्यस्थल पर पॉश अधिनियम के बारे में जानकारी प्रदर्शित करनी चाहिये।अधिनियम के प्रावधानों का अनुपालन न करने पर ज़ुर्माना लगाया जा सकता है, जिसमें ज़ुर्माना एवं व्यापार लाइसेंस रद्द करना भी शामिल है। कार्यशाला मे सचिव द्वारा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल के कार्य विधियों को भी विस्तार पूर्ण रूप से बताया गया।। कार्यशाला मे यशवंत कुमार,समस्त वन दरोगा, वन आरक्षी, फॉरेस्ट गार्ड इत्यादि मौजूद रहे।

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