September 28, 2026
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अंग्रेज़ी विभाग, विज़िटिंग प्रोफ़ेसर निदेशालय, एवं इनोवेशन एवं इनक्यूबेशन सेंटर द्वारा

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“ब्रैस्ट कैंसर अवेयरनेस अमंग युथ” विषय पर एक

ऑनलाइन वेबिनार का सफलतापूर्वक हुआ आयोजन

नैनीताल सरोवर नगरी के कुमाऊं विश्वविद्यालय में डीएसबी परिसर के अंग्रेज़ी विभाग, विज़िटिंग प्रोफ़ेसर निदेशालय, एवं इनोवेशन एवं इनक्यूबेशन सेंटर द्वारा “ब्रैस्ट कैंसर अवेयरनेस अमंग युथ” विषय पर एक ऑनलाइन वेबिनार का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता डॉ. लोपा मुद्रा दास रॉय (एम.एस.), ब्रेस्ट कैंसर हब , यूएसए की संस्थापक एवं अध्यक्ष रहीं।
कार्यक्रम में वक्ता ने स्तन कैंसर से जुड़े जोखिम कारकों, रोकथाम के उपायों तथा मरीजों और उनके परिजनों द्वारा झेली जाने वाली भावनात्मक चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि कैंसर यदि शुरुआती अवस्था में पहचान लिया जाए तो इसका इलाज पूरी तरह संभव है।
उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि स्तन में बिना दर्द की छोटी गाँठ भी कैंसर का संकेत हो सकती है, इसलिए परिवार में जागरूकता फैलाना हम सभी की ज़िम्मेदारी है, क्योंकि सरल जाँच से कई जिंदगियाँ बचाई जा सकती हैं। यह भी बताया गया कि कैंसर लिंगभेदी नहीं है — पुरुषों को भी स्तन कैंसर हो सकता है। 17–18 वर्ष की आयु से ही हर महिला को स्वयं जाँच करनी शुरू कर देनी चाहिए। आँकड़ों के अनुसार हर 8 में से 1 महिला और हर 866 में से 1 पुरुष स्तन कैंसर से प्रभावित हो सकते हैं।
उन्होंने समाज में कैंसर को लेकर प्रचलित टैबू और चुप्पी की संस्कृति तोड़ने की अपील की और कहा कि स्क्रीनिंग ही बचाव का सर्वोत्तम उपाय है। 40 वर्ष की आयु के बाद महिलाओं को मेमोग्राम कराना अनिवार्य बताया गया
तंबाकू कैंसर का सबसे बड़ा कारण बताया गया। आहार की भूमिका पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि अदरक, लहसुन, हल्दी और प्याज़ जैसे तत्व शरीर को प्राकृतिक सुरक्षा प्रदान करते हैं, और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने वाले लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता अन्य लोगों से भिन्न होती है।
अंत में वक्ता ने संदेश दिया कि “कैंसर इलाज योग्य है, डर नहीं जागरूकता ज़रूरी है।” कैंसर किसी और को छूने या साथ रहने से नहीं फैलता।
कार्यक्रम में 101 से अधिक विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं संकाय सदस्यों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
कार्यक्रम का संचालन निदेशक डॉ. ललित तिवारी ने सभी का स्वागत किया । डॉ. हरी प्रिया पाठक ने आज के मुख्य वक्ता का परिचय कराया। अंत में, डॉ. ललित तिवारी ने मुख्य वक्ता एवं सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का समापन किया। उस महत्वपूर्व व्याख्यान में पदम श्री विजय पी डिमरी , डॉ बी एस कालाकोटी , डॉ रीमा मिश्रा ,डॉ रीना सह ,डॉ गीता तिवारी ,डॉ जी सी एस नेगी , डॉ नंदन मेहरा ,डॉ दीपिका पंत , ज्योति कांडपाल ,डॉ नवीन पांडे ,डॉ हेम जोशी सहित विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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