October 5, 2026
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हल्दुचौड़ में लोगों का जन आक्रोश:

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मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के पहाड़ियों के आपत्तिजनक शब्द पर

लोगों ने निकाली शव यात्रा और आधा जलाकर नाले में फेंका

हल्दूचौड़ नैनीतालl हल्दीचौड़ पंचायत घर से लेकर गन्ना सेंटर तक एक प्रतीकात्मक शवयात्रा एवं श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया, जिसमें दर्जनों पहाड़ी समाज के लोग मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल द्वारा विधानसभा में पहाड़ी समुदाय को “साला पहाड़ी” कहे जाने के अपमान के विरोध में एकजुट हुए। शोक सभा के दौरान मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल को घेरते हुए सामाजिक कार्यकर्ता पीयूष जोशी ने उनसे स्पष्ट यह पूछा कि अगर यह प्रदेश पहाड़ी प्रदेश नहीं है तो राज्य को विशेष राज्य का दर्जा पहाड़ी होने के नाते क्यों दिया गया है व क्यों हजारों पहाड़ी लोगों ने शहादतें दी थी की अलग पर्वतीय राज्य बनाया जाए ,उन्होंने यह कहा कि हम पहाड़ी लोग खुले दिल से सबका स्वागत करते हैं परंतु अगर कोई हमारे समाज को ही गाली देगा तो यह कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा ।समाजसेवी मोहित बमेठा ने कहा कि यह विरोध प्रदर्शन इतने दिन इसीलिए रोका था कि उन्हें उम्मीद थी कि मंत्री सार्वजनिक तौर पर जाकर पहाड़ी समाज से माफी मांगेंगे परंतु माफी मांगने की बजाय प्रेमचंद अग्रवाल खेद प्रकट कर रहे हैं उनका कहना था कि मंत्री तत्काल माफी मांगे व इस्तीफा दे अन्यथा पहाड़ी समुदाय उग्र आंदोलन करेगा। इस दौरान ग्राम प्रधान हरेंद्र असगोला ने कहा की कि मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल को सदन में सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिये अन्यथा आनदोलन व विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
आयोजन के दौरान, सभा में उपस्थित लोगों ने प्रतीकात्मक शवयात्रा निकाली इसके साथ-साथ प्रेमचंद अग्रवाल के शाहू के रूप में मौजूद पुतले को चप्पल जूते से मार कर वह गोमूत्र से शुद्धिकरण भी किया गया व पुतले को जूट चप्पल मार कर विरोध भी किया गया। आंदोलन कर रहे लोगों ने कहा मंत्री के प्रतीकात्मक पुतले का विधिवत दाह संस्कार करने का विचार था, परंतु पहाड़ी समाज का कहना था कि जब तक प्रेम चंद्र अग्रवाल का नाख रगड़ कर माफी मांगने का कोई वीडियो सामने नही आता तबतक मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल का पुतला भी पहाड़ी समुदाय के हाथों विधिवत संस्कार के हकदार नहीं है इसलिए पुतले को सड़क किनारे आधा जलाकर नाले में फेंक दिया गया जिससे कि पुतले की आत्मा को भी शांति न मिल सके। इस दौरान ग्राम प्रधान प्रतिनिधि भास्कर भट्ट ने कहा की अगर मंत्री इस्तीफा नही देते यो पूरे प्रदेश के पहाड़ी उग्र आंदोलन करेंगे व तब तक मंत्री तक दूर की बात है उनके पुतले की आत्मा भी इस धरती और नरकलोक के बीच ही विचरण करती रहेगी।” वही ग्राम प्रधान रमेश जोशी ने कहा कि सदन में पहाड़ियों को “साले” कहे जाने से न केवल समाज की गरिमा ठेस पहुंची है, बल्कि यह उस अपमान का प्रतीक है जिसे सार्वजनिक रूप से स्वीकार नहीं किया जाएगा।
कवि योगेश बहुगुणा योगी ने कहा कि पहाड़ी समाज अत्यंत सौम्य है, लेकिन यदि मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल तुरंत सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते व भाजपा उनको बेदखल कर मंत्री पद व भाजपा से नही हटाती तो आंदोलन और उग्र होगा।
पहाड़ी समाज ने चेतावनी दी कि अगर मंत्री माफी नहीं मांगते ,ओर इस्तीफा नही देते तो आने वाले दिनों में इस आंदोलन का विस्तार प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी किया जाएगा। वही छात्र नेता राजा धामी ने कहा कि यह आंदोलन सिर्फ एक अस्थायी आक्रोश नहीं, बल्कि समाज की अस्मिता और आत्म-सम्मान के लिए जारी रहने वाला संघर्ष है। इस मौके पर ग्राम प्रधान हरेंद्र असगोला,समाजसेवी हेमवती नन्दन दुर्गापाल, प्रशासक हरेंद्र असगोला, ग्राम प्रधान रमेश जोशी, महेश बिष्ट, राजा धामी, दीपचंद शर्मा, आर के बिष्ट (पूर्व सैनिक), प्रधान रमेश तिवारी, नीरज बमेठा, सुन्दर सिंह बिष्ट, क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रत्याशी मोहित बमेठा, सामाजिक कार्यकर्ता विनोद भट्ट, कवि योगेंद्र बहुगुणा, योगी सहित दर्जनों अन्य स्थानीय नेता और जनसमूह ने इस आयोजन में भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ एंकर रिंपी बिष्ट ने किया।

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