October 25, 2026
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पाइन क्रेस्ट विद्यालय में रही शिक्षक दिवस की धूम

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हर्षोल्लास एवं सम्मान के साथ मनाया गया

नैनीताल। द पाइन क्रेस्ट विद्यालय, नैनीताल में आज शिक्षक दिवस बड़े ही हर्षोल्लास, सम्मान और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधन द्वारा शिक्षकों के सम्मान में विशेष कार्यक्रम एवं स्वादिष्ट व्यंजनों की व्यवस्था की गई। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के संस्थापक एवं प्रबंधक संतोष कुमार ने विद्यार्थियों को 05 सितंबर, शिक्षक दिवस के महत्व तथा भारत के महान शिक्षाविद् एवं पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी। बता दे अवकाश के चलते कुछ विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को ऑनलाइन माध्यम से जोड़ा गया। लाइव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी ने कार्यक्रम में सहभागिता की और विद्यालय में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों का आनंद लिया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों के प्रति प्रेम और सम्मान व्यक्त करते हुए स्वयं द्वारा बनाए गए सुंदर कार्ड एवं अन्य उपहार शिक्षकों को भेंट किए। बच्चों की इस पहल ने पूरे कार्यक्रम को और भी भावनात्मक एवं यादगार बना दिया। विद्यालय में विभिन्न सांस्कृतिक एवं मनोरंजक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए, जिन्हें देखकर सभी शिक्षक एवं विद्यार्थी आनंदित हुए। कार्यक्रम के दौरान सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं को शिक्षक दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी गईं। संस्थापक द्वारा किए गए विशेष इंतजामों और शिक्षकों के सम्मान में किए गए आयोजन की सभी शिक्षकों ने खूब सराहना की।
इस अवसर पर विद्यालय के संस्थापक संतोष कुमार ने कहा कि,
“शिक्षा ही एक ऐसा सशक्त हथियार है, जिसके माध्यम से समाज में सकारात्मक क्रांति लाई जा सकती है। शिक्षक वह गुरु है जो इस ज्ञान की ज्योति को विद्यार्थियों के भीतर प्रज्वलित करता है और उन्हें जीवन में सही मार्गदर्शन प्रदान करता है। एक अच्छे शिक्षक का योगदान केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं होता, बल्कि वह विद्यार्थियों के चरित्र, सोच और भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।” उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को केवल शिक्षा ही नहीं देते, बल्कि उन्हें सही और गलत में अंतर समझने, जीवन में आगे बढ़ने और एक बेहतर इंसान बनने की प्रेरणा भी देते हैं।
इसी भाव को भारतीय संस्कृति में गुरु के सर्वोच्च स्थान के रूप में व्यक्त किया गया है।
“गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः
गुरुर्देवो महेश्वरः।
गुरुः साक्षात् परब्रह्म
तस्मै श्री गुरवे नमः॥”
शिक्षक दिवस का यह आयोजन शिक्षकों के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और विद्यार्थियों के प्रेम की सुंदर अभिव्यक्ति बनकर यादगार रहा।

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