October 2, 2026
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ओखलकांडा ब्लाक के उच्च प्राथमिक स्कूलों की हालत दयनीय:बिष्ट

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27 स्कूलों में से 10 स्कूल शिक्षक विहीन प्राथमिक के शिक्षक कर रहे हैं स्कूलों का संचालन

नैनीताल। उत्तरांचल स्टेट प्राईमरी टीचर एसोशिएशन ओखलकान्डा के अध्यक्ष जी.एस.बिष्ट ने बताया कि नैनीताल जिले के तहत ओखलकांडा विकास खंड में उच्च प्राथमिक विद्यालयों की स्थिति अत्यंत दयनीय हो चुकी है।
बिष्ट के मुताबिक विकासखंड में कुल २७ उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं और इन २७ विद्यालयों में मात्र २८ शिक्षक कार्यरत हैं जबकि एक विद्यालय में कम से कम चार-चार शिक्षक होने चाहिए। वर्तमान में स्थिति यह है की इन २७ विद्यालयों में १० विद्यालय अध्यापक विहीन हैं। इन१० विद्यालयों का संचालन प्राथमिक विद्यालयों के अध्यापकों द्वारा किया जा रहा है जिनको मजबूरन अपने मूल विद्यालय छोडक़र उक्त उच्च प्राथमिक विद्यालयों का संचालन करना पड़ रहा है। कहा कि प्राथमिक शिक्षक संगठन इस गंभीर प्रकरण को कई बार अधिकारियों एवं विभाग के सममुख उठा चुका है परंतु इस पर आज तक कोई भी सकारात्मक कार्रवाई प्रारंभ नहीं हो पाई है वहीं दूसरी तरफ सुगम क्षेत्र के विद्यालयों में मानक से अधिक शिक्षक कार्यरत हैं दुर्गम विकास खंडों के शिक्षक मांग करते हैं की सुगम में मानक से अधिक शिक्षकों को दुर्गम के उक्त अध्यापक विहीन और एकल शिक्षक वाले विद्यालयों में भेजा जाए जिससे उन विद्यालयों का संचालन भी सुचारू रूप से हो सके।
कहा कि बार-बार शिक्षकों पर यह आरोप लगते हैं कि शिक्षकों के कारण पहाड़ के विद्यालय में छात्र पलायन कर रहे हैं परंतु हकीकत यह है कि शिक्षकों की कमी के कारण उक्त विद्यालयों के छात्र-छात्राएं और उनके अभिभावक शहरों की ओर पलायन करने पर मजबूर हैं। विगत तीन-चार वर्षो में शिक्षकों की कमी के कारण विकास ओखलकान्डा में आठ उच्च प्राथमिक विद्यालय बंद हो चुके हैं अगर समय रहते इन विद्यालयों में भी शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की गई तो आने वाले वर्षों में बहुत से विद्यालयों में ताले नजर आएंगे । यदि समय रहते नया सत्र प्रारंभ होने से पूर्व उक्त प्रकरण पर सकारात्मक पहल नहीं की जाती है तो प्राथमिक शिक्षक संगठन धरना प्रदर्शन करने हेतु विवश होगा।यहां पर गौर करने वाली बात यह भी है कि अप्रैल माह से जनगणना का कार्य भी प्रारंभ होने वाला है और प्रत्येक गांव से एक शिक्षक को जनगणना में लगाया जाएगा जिससे दुर्गम के विद्यालयों की स्थिति और भी दयनीय हो जायेगी जबकि प्रत्येक गांव से एक एक शिक्षक पहले से ही बीएलओ का कार्य भी कर रहे हैं।बिष्ट ने कहा कि प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों को जबरन उच्च प्राथमिक विद्यालयों में भेजने का प्राथमिक शिक्षक संगठन विरोध करता है और अनुरोध करता है कि जल्द से जल्द प्राथमिक से उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पदोन्नति की जाय और प्राथमिक विद्यालयों में नवनियुक्तियां की जाये साथ ही संगठन यह भी अनुरोध करता है कि जिन शिक्षकों को उक्त विद्यालयों में जबरन भेजा गया है उन्हें समान कार्य के लिए समान वेतन और सुविधाएं प्रदान की जाये। यदि उक्त प्रकरण पर शीघ्र ही कोई सकारात्मक कार्रवाई प्रारंभ नहीं होती है तो संगठन आन्दोलन को बाध्य होगा।

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