लैंगिक समता एवं समावेशन विषयक पर एक दिवसीय सेमिनार का हुआ आयोजन

नैनीताल । प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (पीएम उषा) तथा मल्टीडेसिप्लेनरी एजुकेशन एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी (मेरु) के सॉफट कॉपोनेंट इटिविटी के तहत इक्विटी एंड इनलूसिविटी कुमाऊँ विश्वविद्यालय नैनीताल द्वारा बीरवार को कार्यस्थल में लैंगिक समता एवं समावेशन विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन
बुरांश सभागार हर्मिटेज में किया गया।
कार्यक्रम की संयोजक प्रो0. चन्द्रकला रावत (हिंदी एवं अन्य भारतीय भाषा विभाग कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल) ने स्वागत वक्तव्य में कहा कि जेंडर और लिंग केवल पुरुष या महिला तक सीमित नहीं है इसमें अन्य पहचानें भी शामिल हैं तथा इन सभी में समानता एवं समावेशन के लिए यह कार्यक्रम सुनिश्चित करेगा कि कार्यस्थल पर बेहतर वातावरण, समानता की संवेदनशीलता को स्वभाव में ढालना कितना आवश्यक है यही इस कार्यक्रम का उद्देश्य भी है।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुविवि के कुलपति प्रो0.दीवान सिंह रावत ने कहा कि समानता के लिए हमें सफ लता की ओर बढऩा आवश्यक है जिसके लिए जीवन में हमेशा सीखने की अभिवृत्ति को अपनाना चाहिए।
मुखय वक्ता प्रो0 शुचि बिष्ट (भौतिक विज्ञान कुमाऊ विश्वविद्यालय नैनीताल) ने लैंगिक समानता और समता पर पीपीटी प्रेजेंटेशन दिया जिसमें उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं और पुरुषों के बीच की समानता और समता की भारत में वर्तमान स्थिति पर बात की। मुखय वक्ता प्रो0 दीप्ति जौहरी (शिक्षा विभाग रोहेलखंड विश्वविद्यालय बरेली) ने कहा कि यह कार्यक्रम इतना प्रासंगिक और आवश्यक है ताकि हमारी तथा आने वाली पीढ़ी के लिए बेहतर दुनियाँ बना सकें साथ ही वर्तमान परिदृश्य में जेंडर समता एवं समावेशन में आने वाली बाधाओं और उनके समाधान पर अपना वक्तव्य दिया।कार्यक्रम का समापन ओपन डिस्कशन के माध्यम से हुआ जिसमें शोधार्थियों और विद्यार्थियों से इस विषय से जुड़े सवालों और समाधानों पर सार्थक परिचर्चा हुई। कार्यक्रम का संचालन सुश्री सृष्टि गंगवार ने किया। इस अवसर पर प्रो. हरिप्रिया पाठक, डॉ. अरविंद तिवारी, प्रो. अशोक, डॉ. लक्ष्मण सिंह, डॉ. कंचन आर्या, डॉ. दीक्षा मेहरा, डॉ. मथुरा इमलाल, शिवानी शर्मा, हिमांशु विश्वकर्मा, धीरज, देवेन्द्र कुमार, रोहित रौतेला तथा ईश्वर आदि विभिन्न शोधार्थी एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे।




















