नैनीताल की बेटी सौमया गब्र्याल के एसडीएम से यूपीएससी तक का सफर
-जानें संघर्ष से सफलता तक की कहानी

नैनीताल। भीमताल की रहने वाली सौमया गबर्याल ने कड़ी मेहनत और लगन से बड़ी कामयाबी हासिल की है। संघ लोक सेवा आयोग द्वारा घोषित सिविल सेवा परीक्षा परिणाम में उन्होंने ८२२वीं रैंक हासिल कर भारतीय प्रशासनिक सेवा में जगह बनाई है। उनकी इस सफलता से पूरे नैनीताल जिले में खुशी की लहर है। पहाड़ की इस बेटी ने यह साबित कर दिया कि यदि लक्ष्य बड़ा हो और मेहनत सच्ची हो तो किसी भी मुकाम तक पहुंचा जा सकता है।
पौमया गबर्याल वर्तमान में अल्मोड़ा जिले की जैंती और भनोली तहसीलों में उप जिलाधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। प्रशासनिक जिममेदारियों के साथ-साथ उन्होंने यूपीएससी की तैयारी जारी रखी। व्यस्त दिनचर्या के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य को कभी नहीं छोड़ा और अंतत: आईएएस बनने का सपना साकार कर दिखाया। सरकारी सेवा और पढ़ाई को साथ लेकर चलना आसान नहीं होता लेकिन सौमया ने अनुशासन और टाइम मैनेजमेंट से यह संभव कर दिखाया। सौमया मूल रूप से धारचूला क्षेत्र के गथ्र्यांग गांव की रहने वाली हैं बाद में उनका परिवार भीमताल में आकर बस गया। पहाड़ी क्षेत्र से आने के बावजूद उन्होंने अपनी पढ़ाई और लक्ष्य पर पूरा ध्यान दिया। उनकी इस कामयाबी से धारचूला और भीमताल दोनों क्षेत्रों के लोगों में गर्व का माहौल हैण् पहाड़ के युवाओं के लिए सौम्या एक नई प्रेरणा बनकर उभरी है।सौमया बताती हैं कि उनकी सफलता में उनके परिवार का बड़ा योगदान रहा है। उनकी माता बीना गबर्याल नैनीताल के अभिसूचना विभाग में सब इंस्पेकटर के पद पर तैनात हैं जबकि पिता देव सिंह गबर्याल हैं, उनकी बड़ी बहन साक्षी गबिर्याल बैंक ऑफ महाराष्ट्र की पीलीभीत शाखा में मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं, परिवार ने हमेशा उन्हें आगे बढऩे के लिए प्रेरित किया जिसकी बदौलत सौमया अपने लक्ष्य तक पहुंच सकीं।सौमया ने अपनी स्कूली शिक्षा भीमताल और नैनीताल से पूरी की, हाईस्कूल की पढ़ाई भीमताल के हरमन माइनर स्कूल से और इंटरमीडिएट नैनीताल के मोहन लाल साह बालिका विद्या मंदिर से की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस में स्नातक की डिग्री प्राप्त की। पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने सिविल सेवा में जाने का लक्ष्य तय कर लिया था।
सौमया ने यूपीएससी की तैयारी कर रहे युवाओं को कई अहम टिप्स दिए हैं उनका कहना है कि उममीदवारों को सबसे पहले सिलेबस को अच्छी तरह समझना चाहिए इसके साथ ही प्रीवियस ईयर क्वेश्चन को ध्यान से पढऩा और नियमित रूप से मॉक टेस्ट देना जरूरी है। उन्होंने सलाह दी कि एनसीईआरटी की किताबों को अच्छी तरह पढ़ें और बार.बार रिवीजन करते रहें। रोजाना एक टारगेट तय कर उसी के अनुसार पढ़ाई करने से तैयारी मजबूत होती है।
बता दें सौमया गबर्याल की सफलता केवल व्यक्तिगत कामयाबी नहीं है बल्कि यह पहाड़ के युवाओं के लिए एक प्रेरणादायक कहानी भी है। उन्होंने यह दिखाया कि कठिन परिस्थितियों और जिममेदारियों के बीच भी सपनों को साकार किया जा सकता है। मेहनत, अनुशासन और स्पष्ट लक्ष्य के साथ कोई भी छात्र अपने सपनों की मंजिल तक पहुंच सकता है। उनकी यह कामयाबी पूरे पहाड़ के लिए गर्व का विषय बन गई है और तैयारी कर रहे युवाओं को प्रेरणा दे रही है।




















