September 26, 2026
ww yyyy ppp new lll mkl

बंगाली समाजसेवी सुब्रत कुमार विश्वास का हुआ भव्य स्वागत:

0
1002757801
222 aaaa bbb cccc dddd eeee ffff gggg hhhh iii jjjj kkkk lll mmm nnnn ooo pppp qqq zzzzz

ओडिशा-छत्तीसगढ़ पीड़ितों की आवाज बनकर उभरे ‘मसीहा

संजयनगर नैनीताल। बंगाली समाज के परवाह करने वाले समाजसेवी सुब्रत कुमार विश्वास लगातार अपने समुदाय के मसीहा के रूप में उभर रहे हैं। मलखानगिरि (ओडिशा) और छत्तीसगढ़ सहित भारत के विभिन्न क्षेत्रों में जब भी बंगाली समाज को कोई संकट घेरता है, वे ढाल बनकर खड़े हो जाते हैं। जहां कई नेता सरकार के खिलाफ बोलने से परहेज करते हैं या विपक्ष में चुप्पी साध लेते हैं, वहीं सुब्रत विश्वास बंगाली समाज की आवाज को मुखरित कर आंदोलन की तीव्रता बढ़ाते रहते हैं।संजय नगर खेड़ा में आयोजित एक भव्य स्वागत समारोह में अभिमन्यु साना, वरिष्ठ समाजसेवी विकास मलिक और युवा कार्यकर्ताओं ने सुब्रत विश्वास का फूल-मालाओं से सम्मान किया। यह सम्मान ओडिशा-छत्तीसगढ़ में पीड़ित बंगालियों की आवाज उठाने और उन्हें न्याय दिलाने के उनके अथक प्रयासों के लिए था। सैकड़ों ग्रामीणों की उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम में सभी ने उम्मीद जताई कि सुब्रत विश्वास बंगाली समाज को नई दिशा देंगे।मलखानगिरि कांड: बंगाली समाज पर अत्याचार की मार्मिक कहानीकार्यक्रम में मलखानगिरि (ओडिशा) की घटना पर विस्तार से चर्चा हुई। वहां बंगाली समाज को सरकार, प्रशासन और कुछ आदिवासी नेताओं द्वारा उत्पीड़ित किया जा रहा है। बंगाली समुदाय को भारतवर्ष में सरकार की गलत नीतियों के कारण यूरिया की तरह हर क्षेत्र में फैलाया गया—जिस तरह यूरिया फसल को बढ़ाने का काम करती है, वैसे ही बंगाली समाज ने हर जमीन-जंगल पर मेहनत कर समृद्धि की कोशिश की। फिर भी, बांग्ला भाषी लोगों को आज भी ‘बांग्लादेशी’ कहकर अपमानित किया जाता है। यह अत्यंत दुखद है।खासकर भाजपा शासित राज्यों में सत्ता आने के बाद बंगाली समाज पर अत्याचार बढ़ गए हैं। बंगाली समाज को समझना चाहिए कि पश्चिम बंगाल में ही बंगाली नहीं हैं—भारत के हर राज्य में वे बिखरे हुए हैं। देश के 80% राज्यों में भाजपा की सरकारें हैं और बंगालियों का सबसे अधिक शोषण इन्हीं भाजपा शासित राज्यों में हो रहा है। मलखानगिरि में यदि बंगाली समाज शांतिपूर्वक रह रहा था, तो पुलिस-प्रशासन के सामने उनके घरों को पीड़ित दलित-गरीब परिवारों का सहारा छीन लिया गया। भाजपा सरकार चुप्पी साधे रही। मुआवजे के नाम पर मात्र 70,000 रुपये और 20,000 रुपये अतिरिक्त देने की बात कही गई, जबकि 50-60 लाख का नुकसान होने पर कम से कम 1-1 करोड़ का मुआवजा देना चाहिए था। यह बंगाली समाज के मुंह पर तमाचा है।भाजपा की नीति रही है—बंगाली समाज को उजाड़ना और उनके अधिकारों का हनन करना। यदि पश्चिम बंगाल में ही उन्हें ‘बंगाली’ दिखते हैं, तो बाकी राज्यों में क्यों नहीं? यह सवाल सुब्रत विश्वास का है, जो पूरे बंगाली समाज की पीड़ा को प्रतिबिंबित करता है।प्रमुख उपस्थित मेहमानों ने दिया साथ कार्यक्रम में कांग्रेस नेता मोनिका डाली, कांग्रेस नेता विकास मलिक, भाजपा नेता व कल्याण समिति के अध्यक्ष दिलीप अधिकारी, वरिष्ठ पत्रकार सत्यजीत सरकार, गोपी सरकार, विशाल मलिक, गोलू बिट्टू माझी, संजय सरकार, संजय मंडल, हरिपाठ सरकार, छात्र नेता अंकित अधिकारी, सुखदेव, रोहित, कमलेश, विनोद, जयदेव, नरेश आदि प्रमुख लोग उपस्थित रहे। सभी ने सुब्रत विश्वास के संघर्ष को सलाम किया और बंगाली एकता को मजबूत करने का संकल्प लिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *