September 26, 2026
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मकर संक्रांति के दिन सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर राशि में करता है प्रवेश: प्रो ललित तिवारी 👉

नैनीताल। सरोवर नगरी मैं मकर संक्रांति पर विशेष ऊँ आदित्याय विदमहे दिवाकराय धीमहि तन्नो सूर्य: प्रचोदयात ।
मकर संक्रांति के दिन सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं और उत्तरायण का आरंभ होता है। मकर संक्रांति ऋतु परिवर्तन के साथ दान, पुण्य, संयम और नए कार्य आरंभ का विशेष पर्व है। उत्तर भारत के राज्यों में इस दिन खिचड़ी बनाना, खाना और दान करना परंपरा है।
मान्यता अनुसार इस दिन भगवान भास्कर अपने पुत्र शनि से मिलने स्वयं उसके घर जाते हैं। चूँकि शनिदेव मकर राशि के स्वामी हैं, अत: इस दिन को मकर संक्रान्ति के नाम से जाना जाता है।
मकर संक्रांति के दिन से सूर्यदेव उत्तरायण की ओर गति करना शुरू करते हैं.।मकर संक्रांति के बाद विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन जैसे मांगलिक कार्य फिर से आरंभ हो जाते हैं.
मकर संक्रांति के दिन सूर्य भगवान की आराधना से शरीर में ऊर्जा का संचार होता है और उत्तम स्वास्थ्य तथा दीर्घायु का वरदान मिलता है. इसी कारण इस दिन दान-पुण्य, तप और सेवा कर्मों को खास महत्व दिया जाता है।
खिचड़ी का इस त्योहार से गहरा संबंध रहा है, क्योंकि यह सादगी, सात्विक खान-पान और नई फसल के लिए कृतज्ञता का प्रतीक है । देश के कई हिस्सों में यह मान्यता है कि मकर संक्रांति पर खिचड़ी बनाना शुभ माना जाता है, जो आने वाले महीनों में समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य का आश्वासन देता है।
उत्तराखंड राज्य के कुमाऊं में मकर संक्रांति पर ‘घुघुतिया’ के नाम एक लोक पर्व मनाया जाता है। इस पर्व की अपनी अलग ही पहचान है। त्योहार का मुख्य आकर्षण कौवा है। इस दिन बनाए गए घुघुते कौवे को खिलाकर कहते हैं- ‘काले कौवा काले घुघुति माला खा ले’। काले कौआ काले घुघुति माला खाले।
ले कौआ बड़, मकें दिजा सुनक घड़
काले कौआ काले घुघुति माला खाले
ले कौआ पूरी, मकें दिजा सुनैक छुरी
काले कौआ काले घुघुति माला खाले
ले कौआ डमरू मकें दिजा सुनक घुॅघरू
काले कौआ काले घुघुति माला खाले
ले कौआ ढाल मकें दिजा सुनक थाल
काले कौआ काले घुघुति माला खाले।

इस त्योहार का संबंध कुमाऊं में चन्द्र वंश से जुड़ा है जो बागनाथ भगवान से लेकर कौवों की सहायता की कथा जुड़ी हुई है । आप सब पर भगवान सूर्य की कृपा बनी रहे।सूर्य देवता की किरणों के प्रताप से धरा में अज्ञानता का अंधेरा हटे, ऐसी प्रार्थना करते हैं।
आप सबको सपरिवार मकर संक्रांति, गंगा जी स्नान ,लोहड़ी, पोंगल, बिहू, गुड़ी पड़वा के पावन पर्व की सपरिवार शुभकामनाएं।

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