सेवानिवृत्त राजकीय पेंशनर्स कल्याण एसोसिएशन सप्तम द्विवार्षिक अधिवेशन मे
वरिष्ठ पेंशनर्स पान सिंह रौतेला तथा ललित सनवाल को किया सम्मानित


नैनीताल। सरोवर नगरी में सेवानिवृत्त राजकीय पेंशनर्स कल्याण एसोसिएशन सप्तम द्विवार्षिक अधिवेशन का शुभारंभ मुख्य अतिथि दर्ज राज्य मंत्री शांति मेहरा द्वारा बुधवार को कुमाऊँ विश्व विद्यालय के हरमिटेज भवन में आयोजित किया गया। अधिवेशन में विशिष्ट अतिथि विधायक सरिता आर्या और जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दरमवाल, जिला पंचायत सदस्य विनिता बिष्ट, मुख्य कोषाधिकारी नैनीताल कमलेश भंडारी मौजूद रहे। सभी अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर अधिवेशन का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर भारतीय शहीद सैनिक विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने रंगारंग छोलिया नृत्य पेश कर पेंशनरों का स्वागत किया साथ ही वन्दना व स्वागत गीत प्रस्तुत किये ।
इस दौरान कार्यक्रम में अधिवेशन में वरिष्ठ पेंशनर्स पान सिंह रौतेला तथा ललित सनवाल को सम्मानित किया गया।
अधिवेशन में मुख्य अतिथि दर्जा राज्यमंत्री शान्ति मेहरा ने कहा कि सरकार द्वारा राजकीय पेंशनर्स की हर सुविधाओं ख्याल रखा जा रहा है और किसी भी प्रकार की असुविधा सरकार द्वारा नहीं होने दी जाएगी।
विधायक नैनीताल सरिता आर्या ने पेंशनर्स एसोसिएशन को और संभव सहायता देने का आश्वासन देते हुए विधायक निधि से दो लाख रुपए की धनराशि देने की घोषणा की। जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दरमवाल ने उपस्थित समस्त पेंशनरों को अपनी शुभकामनाएं देते हुए उनके स्वस्थ जीवन की कामना की। अधिवेशन कार्यक्रम में संचालन करते हुए संगठन के महामंत्री बहादुर सिंह बिष्ट ने संगठन की ओर से 9 सूत्री मांग पत्र उपाध्यक्ष (दर्जाधारी मंत्री) वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद शांति मेहरा को प्रस्तुत करते हुए आशा व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा इस पर शीघ्र कार्रवाई करते हुए सकारात्मक कदम उठाएगी। अधिवेशन में, संगठन की अध्यक्ष मंजू बिष्ट, संरक्षक आर ए प्रजापति, वरिष्ठ उपाध्यक्ष उमेश चंद्र जोशी, के एस कार्की, लक्ष्मण सिंह नेगी, सुनील साह, डा मधुबाला नयाल, के एस राठौर, यतेन्द्र कुमार शाह, ललित मोहन पांडेय, दीपक साह, एच एस महरा, रेखा त्रिवेदी, भूपाल सिंह करायत, गणेश बिष्ट, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष असलम अली, डॉ. मोहित सनवाल, सामाजिक कार्यकर्ता मुन्नी तिवारी, उमेश मिश्रा, आनन्द राम, चेत सिंह बिष्ट, गंगा राम, कमल जोशी, त्रिलोक सिंह रौतेला, जगमोहन रौतेला सहित बड़ी संख्या में पेंशनर्स शामिल थे।




















