September 30, 2026
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कुविवि नैनीताल के तीसरे कैंपस हेतु 26.4 एकड़ भूमि का हुआ हस्तांतरण:कुलपति

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मेरु योजना के तहत नए विभाग होंगे स्थापित

नैनीताल। सरोवर नगरी कुमाऊँ विश्वविद्यालय ने अपने विस्तार की दिशा में एक अहम कामयाबी हासिल की है। उत्तराखंड सरकार ने पटवाडांगर में २६.४ एकड़ भूमि विश्वविद्यालय को हस्तांतरित कर दी है। राजस्व बंदोबस्त की सभी कार्रवाई पूर्ण हो चुकी है और यह भूमि अब राज्य के राजस्व रिकॉर्ड में कुमाऊँ विश्वविद्यालय नैनीताल के नाम दर्ज हो चुकी है।
मामले में कुविवि के कुलपति प्रो. दीवान सिंह रावत ने बताया कि विवि के तीसरे कैंपस की स्थापना जल्द ही शुरू होने वाली है। उन्होंने यह भी बताया कि मेरू योजना के तहत इस कैंपस में विभागों को स्थापित और विकसित किया जाएगा। यह विश्वविद्यालय के लिए एक महत्वपूर्ण और बड़ी कामयाबी है जो उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा और अनुसंधान को बढ़ावा देगा। दूसरी ओर कुलपति प्रो. रावत ने सूबे के सीएम पुष्कर सिंह धामी का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया, प्रो.रावत के मुताबिक सीएम धामी ने विश्वविद्यालय के शैक्षणिक विकास और विस्तार में निरंतर सहयोग और समर्थन प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि सीएम की दूरदर्शी नीतियों और शैक्षिक दृष्टिकोण के कारण ही कुमाऊँ विश्वविद्यालय को यह नई पहचान और प्रगति का अवसर प्राप्त हुआ है।
कुलपति प्रो.रावत की मानें तो विश्वविद्यालय इस नए कैंपस में प्रारंभिक स्तर पर चार प्रमुख विभाग खोलने की योजना बना रहा है। इसमें शामिल हैं हिमालयी औषधीय पौधों में उत्कृष्टता केंद्र (सेंटर फ ॉर एकसीलेंस इन हिमालयन मेडिसिनल प्लांट्स) जो क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देगा। बायोमेडिकल साइंस संकाय (फ़ैकल्टी ऑफ बायोमैडिकल साइन्स) जो आधुनिक चिकित्सा विज्ञान और अनुसंधान में छात्रों को प्रशिक्षण देगा जबकि नैनो टेकनोलॉजी विभाग (डिपार्टमेंट ऑफ़ नैनोटेकनोलॉजी) जो अत्याधुनिक अनुसंधान और विकास के लिए समर्पित होगा और उन्नत कंप्यूटिंग तथा केंद्रीकृत उपकरण सुविधा केंद्र (सीआईएफ सेंटर फ़ॉर एडवांस्ड कंप्यूटिंग एंड सेंट्रलाइज्ड इंस्ट्रुमेंटल फैसिलिटी) जो तकनीकी और वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए आधुनिक उपकरण प्रदान करेगा। कुमाऊँ विश्वविद्यालय का तीसरा कैंपस मेरु योजना के तहत स्थापित किया जा रहा है और यह हिमालयी औषधीय पौधों, बायोमेडिकल साइंस, नैनो टेकनोलॉजी और उन्नत कंप्यूटिंग के क्षेत्रों में छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए नए अवसर खोलेगा। विश्वविद्यालय की शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में एक बड़ी कामयाबी है।

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