हरेला त्योहार को राजकीय त्योहार घोषित किया जाए व्यापारी नेता: अखिलेश सेमवाल

नैनीताल। उत्तराखंड के सांस्कृतिक और पर्यावरणीय महत्व को देखते हुए पूरी तरह जायज़ है। हरेला पर्व उत्तराखंड, खासकर कुमाऊं क्षेत्र का एक प्रमुख लोकपर्व है, जो हरियाली, कृषि, पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक एकता का प्रतीक है। इस दिन पौधारोपण, भगवान शिव-पार्वती की पूजा, और पारंपरिक लोकगीतों के साथ समृद्धि की कामना की जाती है।
प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य
प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तराखंड व्यापारी नेता अखिलेश सेमवाल ने कहा राजकीय त्योहार घोषित करने से इस पर्व को और व्यापक पहचान मिलेगी। और पर्यावरण संरक्षण और पौधारोपण को राज्य स्तर पर बढ़ावा मिलेगा। साथ ही कृषि और लोकसंस्कृति को मजबूती मिलेगी।




















