October 4, 2026
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ग्रामीणों ने आंदोलन कर ग्राम सरना हरिनगर को मिले भूमिधरी अधिकार

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व मालिकाना हक की मांग एक स्वर में सरकार से की मांग

नैनीताल धारी। धारी विकास खंड के ग्राम सरना हरिनगर को मिले भूमिधरी अधिकार व मालिकाना हक की मांग एक स्वर में ग्रामीणों ने सरकार से की है। धारी के सरना गांव के अधिकांश लोगों के पट्टे को ख़ारिज करने का मामला भी बैठक में उठा ।ग्रामीणों में प्रशासन की कारवाही को लेकर भारी आक्रोश देखा गया ।माह जून में धारी वतहसील मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन किया जायेगा।इस आशय का ज्ञापन मुखय मंत्री को भेजा जाएगा ।
मालिकाना हक संघर्ष समिति नैनीताल के अध्यक्ष एस लाल ने की गांव जाकर लोगों को जागरुक करते हुए बैठक में कहा कि आज़ादी से पहले बसे गांव को आज भी सरकारौ ने भूमि धारी अधिकार व मालिकाना हक़ नही दिया गया है ।भले ही वे गुज़र बसर कर रहे हैं लेकिन गांव के लोग आज भी ज़मीन के मालिक नही है ।सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का लाभ ग्रामीणों को नही मिल रहा है ।बैंक से ऋण बच्चों के प्रमाण पत्र,किसान सम्मान निधि तक हरिनगर गांव के वासिन्दो को नही मिल पा रही है । वही अनुसूचित जाति के तथा अन्य समान्य वर्ग के गरीब भूमिहीन परिवार बेनाप वन पंचायत एवं गोचर पनघट की भूमि मे काबिज 50-60 वर्षो से परदेश मे रहते चले आ रहे है उन्हे भी मालिकाना हक नही दिया गया है। बैठक को संबोधित करते हुए पूर्व दर्जा राज्यमंत्री पीसी गोरखा ने कहा कि उत्तराखंड राज्य को अस्तित्व में आए पच्चीस साल हो गये इससे पूर्व यह प्रदेश 1950 में संयुक्त इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्र होने के कारण यहां की भौगोलिक स्थिति भिन्न होने के कारण यहां की सामाजिक आर्थिक राजनीतिक व धार्मिक परिस्थितियाँ भिन्न हैं।पर्वतीय क्षेत्र में बसने वाले मूल निवासी शिल्पकार है जो अधिकांश आज भी भूमिहीन हैं ये लोग या तो वन ग्रामों में बसे हैं या फिर कुछ लोग हरिनगर गांवों में जो 1920 में मुन्शी हरि प्रसाद टम्टा जी के प्रयासों से बसाये गये थे आश्चर्य की बात है कि इन ग्रामों में बसे इन लोगों को आजतक मालिकाना हक व भूमिधरी अधिकार नहीं मिला है।आज भी सरकार की योजनाओं से ये वंचित हैं।राजनीति की बात करें तोकिसी भी सरकार ने हरिनगर गांव को मालिकाना हक दिलाने की तरफ कोई कदम नही उठाया ।सरना हरिनगर गांव के विरोध के बावजूद भी सरकार ने जबरन गांव के पट्टे वाली ज़मीन को नियम विरुद्ध निरस्त करने का ग्रामीणों ने विरोध किया है ॥
बैठक में ललित प्रसाद कैलाश आर्य मुकेश बौद्ध,अंम्बादत्त आर्य रूद्र पाल आनंद प्रकाश प्रकाश चंद्र ख्याली राम गोपाल राम तिलोक चंद देवेन्द्र कुमार दानीराम कमल राम दयाल दिनेश बाली राम बचीराम शेरराम ब आदि मौजूद रहे।

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