October 5, 2026
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विजिटिंग प्रोफेसर प्रो. ललित तिवारी ने डेवलेपमेंट ऑफ हर्बल प्रोडक्ट्स फ्रॉम मैरीगोल्ड

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विषय पर ऑनलाइन दिया व्याख्यान

नैनीताल। सरोवर नगरी में कुमाऊं विश्वविद्यालय के निदेशक विजिटिंग प्रोफेसर प्रो. ललित तिवारी ने गुरु घासी यूनिवर्सिटी बिलासपुर छत्तीसगढ़ में आयोजित डेवलेपमेंट ऑफ हर्बल प्रोडक्ट्स फ्रॉम मैरीगोल्ड विषय पर आयोजित कार्यशाला में मेडिसिनल प्लांट स्टेटस एवं वितरण पर ऑनलाइन व्याख्यान दिया। प्रो. तिवारी ने कहा कि मैरीगोल्ड मैक्सिको एवं अन्य अमेरिकी स्थानों का मूल रहने वाला है इसे पुर्तगाली नए भारत में इंट्रोड्यूस किया। यह येलो कैप्ट के साथ 33 प्रजाति इसकी मिलती है जिसमें हजारी भी एक हैं इसमें कैरोटीन ,लाइकोपीन , लूटीन, ज़ीज़ंथाइन, नियो कैंटीन ,फाइलेन , अल्फा क्रिप्टोसेंथिन रसायन मिलते है। यह डाई बनाने के साथ वैल्यू एडिशन भी उससे बनता है । इसका सिरप भी प्रयोग में लाया जाता है जो एंटी एजिंग है इसमें ऑयल भी मिलते है। फ्रांस ,केन्या ,ऑस्ट्रेलिया एवं भारत उसके बड़े उत्पादक है । डॉ तिवारी नए अष्ट वर्ग पौधों का जिक्र भी किया जिसमें 8 में से 5 एंडैंजर्ड हो गई है जिनको संरक्षित किया जाना जरूरी है । मेडिसिनल प्लांट का बड़ा सेक्टर है तथा 2050 में पूरे विश्व का 5 ट्रिलियन डॉलर का कारोबार मेडिसिनल प्लांट का होगा हमें अंतर्राष्ट्रीय सहयोग एवं कॉरपस फंड की जरूरत है तथा सतत विकास में इनका संरक्षण जरूरी है।

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