कुमाऊं विवि अंतर महाविद्यालय कबड्डी प्रतियोगिता में
एमबीपीजी कॉलेज रहा विजेता किया ट्रॉफी पर कब्जा

नैनीताल। सरोवर नगरी में कुमाऊं विश्वविद्यालय की अंतर महाविद्यालय कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन डीएसबी परिसर नैनीताल में किया गया। प्रतियोगिता में कुल 9 टीमों ने प्रतिभाग किया। फाइनल मुकाबले में एमबीपीजी कॉलेज हल्द्वानी ने सरदार भगत सिंह एसबीएस कॉलेज रुद्रपुर को हराकर ट्रॉफी पर कब्जा जमाया।
प्रतियोगिता के मुख्य अतिथि कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट रहे। प्रतियोगिता में रामनगर के खिलाड़ी ट्रायल के रूप में शामिल हुए, जबकि सरदार भगत सिंह कॉलेज रुद्रपुर, डीएसबी परिसर नैनीताल, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय हल्द्वानी, इंदिरा प्रियदर्शिनी गर्ल्स पीजी कॉलेज फॉर कॉमर्स हल्द्वानी, राधे हरि राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय काशीपुर, राजकीय महाविद्यालय बाजपुर, राजकीय महाविद्यालय खटीमा और एमबीपीजी कॉलेज हल्द्वानी की टीमों ने प्रतिभाग किया।नॉकआउट आधार पर खेली गई प्रतियोगिता के सेमीफाइनल में एमबीपीजी कॉलेज ने जीत दर्ज कर फाइनल में प्रवेश किया। वहीं दूसरे सेमीफाइनल में एसबीएस रुद्रपुर ने इंदिरा प्रियदर्शिनी कॉलेज हल्द्वानी को हराकर फाइनल में जगह बनाई। फाइनल मुकाबला काफी रोमांचक रहा, जिसमें एमबीपीजी कॉलेज ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए जीत हासिल की।
टूर्नामेंट में राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी मनमोहन बसेरा और मोनिका सहित राजेंद्र नेगी, विमल और प्रवीण सिंह राणा ने टेक्निकल टेबल और रेफरी की भूमिका निभाई। इस दौरान खिलाड़ियों को दिलाई नशे के खिलाफ शपथ उसके पश्चात कुलपति बोले – खेल को कॉमर्स से जोड़ना जरूरी
समापन अवसर पर कुलपति प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट ने कहा कि खेल को अब सिर्फ खेल नहीं, बल्कि कॉमर्स के साथ जोड़ना चाहिए, ताकि खिलाड़ियों का भविष्य आर्थिक रूप से भी सुरक्षित हो सके। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार पंजाब और हरियाणा में महिला खिलाड़ी खेल में सफलता हासिल कर डीएसपी जैसे बड़े पदों पर पहुंच रही हैं, उसी तरह कुमाऊं विश्वविद्यालय की छात्राएं भी इस स्तर तक पहुंचें, इसके लिए विश्वविद्यालय हर संभव प्रयास करेगा। उन्होंने कहा कि कबड्डी जैसे पारंपरिक भारतीय खेल को बढ़ावा देना विश्वविद्यालय की प्राथमिकता है। अंतर महाविद्यालय से कुमाऊं विश्वविद्यालय की टीम का चयन भी किया जाएगा ।
शारीरिक शिक्षा एवं खेल विभागाध्यक्ष कुमाऊँ विश्वविद्यालय डॉ. संतोष कुमार ने बताया कि यह टूर्नामेंट सह चयन प्रक्रिया है। इस प्रतियोगिता में लगभग 110 खिलाड़ियों ने भाग लिया, जिनमें से 12 खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा। चयनित खिलाड़ी दिसंबर माह में एमजीएम यूनिवर्सिटी मोहाली में होने वाले नॉर्थ जोन कबड्डी टूर्नामेंट में कुमाऊं विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व करेंगे। शिक्षा संकायाध्यक्ष प्रो. ललित तिवारी ने प्रतियोगिता के शुभारंभ पर सभी खिलाड़ियों और छात्रों को नशे के खिलाफ शपथ दिलाई। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि कबड्डी भारत का प्राचीनतम खेल है, जिसका उल्लेख वैदिक काल और महाभारत के चक्रव्यूह तक में मिलता है। यह केवल शरीर ही नहीं, बल्कि दिमाग का भी खेल है। इसमें रणनीति और शारीरिक क्षमता दोनों की जरूरत होती है। प्रतियोगिता का उद्घाटन वित्त नियंत्रक कमलेश भंडारी ने किया तथा खिलाड़ियों को कहा कि खेल शरीर को निरोगी रहता ही है ये हमारे दिमाग को बेहतर भी करता है । डी एस ए के महासचिव ने कहा कि खेलेगी इंडिया तभी तो बढ़ेगा इंडिया । खेल में महिलाओं ने देश को नई पहचान दी है ।अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रॉफ चंद्र कला रावत ने सभी का स्वागत किया तथा निदेशक डॉ संजय पंत ने खेल में प्रतिभाग लेने को कहा जिससे हम मोबाइल का प्रयोग के करेंगे ।कुलसचिव प्रॉफ रितेश साहनी सभी का धन्यवाद दिया । कार्यक्रम का संचालन प्रॉफ ललित तिवारी ने किया । सभी अतिथियों को शॉल उड़ाकर ,बैच लगाकर , तथा प्रतीक चिन्ह भेट कर सम्मानित किया गया ।
प्रतियोगित में प्रॉफ महेंद्र राणा ,डॉ मोहित रौतेला ,डॉ दीपक मेलकानी , डॉ हिरदेश शर्मा ,अपूर्वबिष्ट ,अनीता , लाल सिंह सहित डॉ एल एम तिवारी ,डॉ लोकेश पांडेय ,डॉ रेखा पांडे ,डॉ अंजुम अली विमल पांडे ,सुरेंद्र सिंह ,डॉ ऊषा पांडे , खाती जी ,कारण सती ,सूरज पांडे , देव चौहान ,कमल कार्की , हिमांशु मेहरा आदि शामिल रहे

























