कुमाऊँ विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय सतर्कता जागरूकता कार्यशाला का हुआ समापन
कर्मचारियों की कार्यदक्षता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही बढ़ाने में ऐसी कार्यशालाओं की महत्वपूर्ण भूमिका : कुलपति प्रो. सतपाल बिष्ट

नैनीताल। सरोवर नगरी में कुमाऊँ विश्वविद्यालय में सतर्कता जागरूकता सप्ताह-2026 एवं निवारक सतर्कता अभियान के अंतर्गत आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला का बुधवार, 4 नवंबर को सफलतापूर्वक समापन हुआ। कार्यशाला का समापन कुलसचिव प्रो. रीतेश साह की अध्यक्षता में आयोजित सत्र के साथ हुआ।
कार्यशाला का शुभारम्भ 2 नवंबर को विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट ने किया था। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रशासनिक कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और कार्यकुशलता सुनिश्चित करने के लिए इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने कर्मचारियों को नियमों एवं प्रक्रियाओं की अद्यतन जानकारी से अवगत कराने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
कार्यशाला के प्रथम दिवस वित्त नियंत्रक सुश्री कमलेश भंडारी ने उत्तराखंड अधिप्राप्ति नियमावली-2025 के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी दी। वहीं, सहायक कुलसचिव श्री राकेश कुमार विश्वकर्मा ने गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) पोर्टल की कार्यप्रणाली एवं उसके व्यावहारिक उपयोग पर व्याख्यान दिया।
द्वितीय दिवस, 3 नवंबर को उत्तराखंड पुलिस साइबर सेल के प्रतिनिधि श्री संदीप सिंह कुँवर ने साइबर अपराधों, ऑनलाइन धोखाधड़ी तथा साइबर सुरक्षा एवं सतर्कता से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर जानकारी दी। उन्होंने डिजिटल माध्यमों के सुरक्षित उपयोग तथा साइबर अपराधों से बचाव के उपायों पर भी प्रकाश डाला।
कार्यशाला के अंतिम दिवस 4 नवंबर को आर.एस. टोलिया उत्तराखंड प्रशासन अकादमी, नैनीताल की उप निदेशक एवं पीसीएस अधिकारी श्रीमती पूनम पन्त ने आचरण नियमावली-2026 पर विस्तृत व्याख्यान दिया। उन्होंने शासकीय सेवकों के आचरण, प्रशासनिक उत्तरदायित्व तथा सेवाकाल के दौरान नियमों के अनुपालन से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की।
समापन सत्र की अध्यक्षता करते हुए कुलसचिव प्रो. रीतेश साह ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन कर्मचारियों के व्यावसायिक कौशल, प्रशासनिक दक्षता एवं कार्यसंस्कृति को सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने भविष्य में भी विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों एवं परिसरों में इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की योजना पर प्रकाश डाला। उन्होंने कार्यशाला में विशेषज्ञों द्वारा दी गई जानकारी को विश्वविद्यालय की दैनिक प्रशासनिक कार्यप्रणाली के लिए उपयोगी बताया।
तीन दिवसीय कार्यशाला में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों एवं अनुभागों के कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया। इनमें अभिराम पन्त, पूरन पाठक, नीरज साह, रमेश जोशी, दीपक बिष्ट, लीलाधर आर्या, कुलदीप सिंह, गणेश सिंह, भूपाल करायत, अमित आर्य, कैलाश जोशी एवं लोकेश शर्मा सहित अनेक कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. मोहित सनवाल ने किया।

























