लेक सिटी वेलफेयर क्लब नेहमारी संस्कृति हमारी पहचान कार्यक्रम के तहत 12 वरिष्ठजनों का किया सम्मान
लोकसंस्कृति की छटा के बीच नई पीढ़ी को परंपराओं से जोड़ने की पहल


नैनीताल। सरोवर नगरी के प्रतिष्ठित रॉयल होटल सभागार में लेक सिटी वेलफेयर क्लब द्वारा अपनी समृद्ध लोकसंस्कृति, परंपराओं और सामाजिक मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुँचाने के उद्देश्य से ‘हमारी संस्कृति–हमारी पहचान एवं हमारे बुजुर्ग–हमारी धरोहर’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। लोकसंस्कृति की मनमोहक प्रस्तुतियों के बीच नगर के 12 वरिष्ठजनों को सम्मानित कर उनके सामाजिक योगदान एवं अनुभवों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई। बता दे
कार्यक्रम का शुभारंभ राज्यसभा सांसद दिनेश आर्य एवं नैनीताल विधायक सरिता आर्य द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर नगर के 12 गणमान्य वरिष्ठजनों—पूर्व पालिकाध्यक्ष श्याम नारायण, डॉ. डी.पी. गंगोला, जोगेंद्र सिंह आनंद, आनंद राम आर्य, चेतसिंह बिष्ट, सुदर्शन शाह, श्रीचंद जगाती, उमा लाम्बा, गणेशलाल वर्मा, भगवत प्रसाद लोनी, अब्दुल रहमान एवं लीला बिष्ट—को प्रतीक चिह्न भेंट कर एवं शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कुमाऊँ की लोकपरंपराओं की सुंदर छटा बिखेरी। वार्ड संख्या सात, शेर का डांडा की टीम द्वारा प्रस्तुत पारंपरिक बारहमासा ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं येगा कुलोरा, नितेश शर्मा, मीनाक्षी आर्य एवं प्रमोद भाकुनी ने अपनी एकल प्रस्तुतियों से खूब तालियां बटोरीं। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण पारंपरिक झोड़ा एवं चाचरी रहा। मसकबीन की मधुर धुनों के बीच लोकगीतों और पारंपरिक नृत्यों ने पूरे वातावरण को कुमाऊँनी संस्कृति के रंग में रंग दिया।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद दिनेश आर्य ने क्लब के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि अपनी संस्कृति और परंपराओं को जीवित रखने के लिए ऐसे आयोजन निरंतर होते रहने चाहिए। ये कार्यक्रम समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने के साथ ही नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। विधायक सरिता आर्य ने भी क्लब द्वारा सामाजिक एवं सांस्कृतिक क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों का सम्मान करना हमारी संस्कृति और संस्कारों का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने क्लब के प्रत्येक कार्यक्रम में सहयोग देने का आश्वासन भी दिया।
कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि बुजुर्ग हमारे अनुभवों की अमूल्य धरोहर हैं और लोकसंस्कृति हमारी पहचान। इन दोनों का संरक्षण एवं सम्मान करना प्रत्येक पीढ़ी का दायित्व है। एक संपादकीय सुझाव: डॉ. प्रगति जैन का नाम सचिव और कार्यक्रम संयोजक, दोनों भूमिकाओं में रखा गया है क्योंकि आपने दोनों जिम्मेदारियाँ बताई हैं। यदि दोनों पद सही हैं, तो यह दोहराव नहीं बल्कि उनकी दो अलग-अलग भूमिकाओं का उल्लेख है। क्लब की अध्यक्ष कविता त्रिपाठी ने सभी अतिथियों, सम्मानित वरिष्ठजनों एवं उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर क्लब की सचिव डॉ. प्रगति जैन, सह-संयोजक कंचन जोशी एवं निवेदिता मल्होत्रा सहित मंजू बिष्ट, हेमा भट्ट, रानी साह, बीनिता पांडे, जीवन्ती भट्ट, आभा साह, भावना साह, सरिता त्रिपाठी, दया कुंवर, सीमा सेठ, सीमा नौटियाल, तनु सिंह, मधुमिता, रमा लोनी, सोनू साह, ज्योति दौड़ियाल, गीता साह, मानसी गर्ग, नीलम गुप्ता, रेखा त्रिवेदी, रमा भट्ट, प्रेमा अधिकारी, दीपिका बेनवाल एवं वर्षा आर्य सहित क्लब की अनेक सदस्याएँ उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का कुशल संचालन कार्यक्रम संयोजक डॉ. प्रगति जैन ने किया।

























