अक़ीदत व एहतराम के साथ 90 वें सालाना कुतुब-ए-नैनीताल उर्स का हुआ आग़ाज़
इस दौरान मुल्क की सलामती के लिए मांगी गई दुआएं

नैनीताल। सरोवर नगरी में 90 वें सालाना कुतुब-ए-नैनीताल उर्स निहायत ही अक़ीदत व एहतराम के साथ, क़ुरआन ख़्वानी और संदल शरीफ़ की मुक़द्दस रस्म के साथ शनिवार को आग़ाज़ हो गया है। उर्स के पहले दिन हज़रत हाफ़िज़ ज़हूरुल इस्लाम क़ादरी चिश्ती रहमतुल्लाह अलैह के आस्ताने पर अक़ीदतमंदों और ज़ायरीन का पुर-नूर हुजूम उमड़ पड़ा।
गुलशन-ए-गौहर कमेटी के महासचिव जनाब परवेज़ साहब ने जानकारी देते हुए बताया कि उर्स के इस मुबारक मौक़े पर हल्द्वानी से तशरीफ़ लाए मुफ़्ती साहब ने महफ़िल-ए-मिलाद का बाक़ायदा आग़ाज़ फ़रमाया। इसके बाद मुफ़्ती साहब की सरपरस्ती में सभी के हाथ पूरे मुल्क के अम्न-ओ-सुकून, आपसी भाईचारे और शहर की ख़ुशहाली व तरक़्क़ी के लिए दुआएं मांगी गईं।
महफ़िल-ए-मिलाद-ए-पाक के लिए हल्द्वानी से आए हज़रात ने आका-ए-दो-जहाँ सरकार की शान में बेहतरीन नातिया कलाम और मनक़बत पेश किए। इसी क्रम में हल्द्वानी से तशरीफ़ शाहनवाज़ साहब और मुस्तफ़ा साहब उनके साथियों ने भी शिरकत कर कलाम पेश किए। इसके साथ ही नैनीताल के प्रसिद्ध स्थानीय फ़नकारों जनाब रईस वारसी साहब, जनाब शाहिद अली वारसी साहब और जनाब मोहम्मद ताहिर साहब ने भी बारगाहे-रिसालत में नात शरीफ़ का नज़राना पेश कर महफ़िल में समाँ बांध दिया।
इस रूहानी महफ़िल के दौरान गुलशन-ए-गौहर कमेटी के तमाम पदाधिकारी, पूरी कमेटी और भारी संख्या में नैनीताल की अहले आवाम (आम जनता) मौजूद रही, जो पूरी शिद्दत व मोहब्बत के साथ ज़ायरीन की ख़िदमत में मसरूफ़ दिखे।
कल (11 अक्टूबर) के रूहानी प्रोग्राम की रूपरेखा:
कमेटी के महासचिव जनाब परवेज़ साहब ने कल रविवार को होने वाले मुक़द्दस प्रोग्रामों की तफ़्सील साझा करते हुए बताया कि:
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- बाद नमाज़-ए-मग़रिब (शाम): मज़ार-ए-अक़्दस पर ‘महफ़िल-ए-हल्का-ए-ज़िक्र’ का एहतमाम किया जाएगा, जहाँ अक़ीदतमंद रब्बी ज़िक्र की रूहानी लहरों में डूबेंगे।
- बाद नमाज़-ए-इशा (रात): मुक़द्दस आस्ताने (मज़ार शरीफ़) पर ही ‘महफ़िल-ए-समां (क़व्वाली)’ की शानदार नशिस्त सजेगी, जिसमें नैनीताल के मशहूर स्थानीय फ़नकार अपनी बेहतरीन आवाज़ में सूफ़ी कलाम पेश करेंगे। कमेटी ने तमाम अक़ीदतमंदों और ज़ायरीन से इन रूहानी महफ़िलों में बढ़-चढ़कर शिरकत करने की अपील की है।

























