गांधी -शास्त्री जयंती पर गूंजा देशभक्ति का संदेश हुई प्रतियोगिताएं
मुख्य अतिथि डॉ. भुवन चन्द्र आर्य ने छात्र-छात्राओ को किया सम्मानित














बेतालघाट नैनीताल। राजीव गांधी अभिनव विद्यालय, बेतालघाट में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती हर्षोल्लास एवं गरिमापूर्ण वातावरण में मनाई गई। कार्यक्रम में विद्यालय परिसर देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. भुवन चन्द्र आर्य ने ध्वजारोहण कर समारोह का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के जीवन, संघर्ष, विचारों एवं राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि महापुरुषों के विचार और सिद्धांत आज भी युवा पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक हैं।
जयंती समारोह के अवसर पर विद्यालय में आयोजित निबंध लेखन, चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिताओं में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया और अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को मुख्य अतिथि डॉ. भुवन चन्द्र आर्य ने पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया। सम्मान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के चेहरों पर खुशी और उत्साह साफ झलक रहा था। इस दौरान भाजपा नेता डॉ भुवन चंद्र आर्य ने स्थानीय लोगों एवं भाजपा कार्यकर्ताओं से मुलाकात की और इस दौरान उन्होंने सिमलखा में भी जनसंपर्क किया। इस मौके पर पूरन भंडारी,बिरेन्द सिंह, मुकेश बोरा, योगेश कुमार, चम्पा जलाल भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष बेतालघाट,गोविन्द सिंह जलाल ,हरीश गुणवंत ,मथुरा दत्त जोशी , आंनद सिंह जलाल पूर्व प्रधान तल्ली पाली , गणेश सिंह,ईश्वर सिंह बोहरा ,मोहन सिंह बोहरा पूर्व प्रधानाचार्य,कुंवर सिंह नेगी , दुर्गा दत्त जोशी , जगमोहन सिंह , उर्वादत्त,गिरीश कंडारी ,मोहन सिंह जलाल, गणेश दत्त खुल्वे, श्रीमती नंदी खुल्बे पूर्व मंडल अध्यक्ष, आंनद सिंह रावत, रणजीत सिंह भंडारी ग्राम प्रधान मल्ली सेठी ,कृति बल्लभ भंडारी,नवीन कश्मीरा सह कारवाह,भगवत बोरा, प्रदीप कुमार, कुंदन चन्द्र, चंदन सिंह, सुरेश चन्द्र सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को गांधी जी के सत्य एवं अहिंसा तथा शास्त्री जी के सादगी, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा के आदर्शों को आत्मसात करने के लिए प्रेरित किया।

























