October 5, 2026
ww yyyy ppp new lll mkl

नैनीताल । हाईकोर्ट ने उत्तराखंड उपनल संविदा कर्मचारी संघ की अवमानना याचिका की सुनवाई करते हुए सरकार को पूर्व के आदेश पर की गई कार्यवाही के सम्बंध में जबाव देने के लिये 4 हफ्ते का समय दिया है।

0
1000550089
222 aaaa bbb cccc dddd eeee ffff gggg hhhh iii jjjj kkkk lll mmm nnnn ooo pppp qqq zzzzz

 बता देे मंगलवार को हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ में श्उत्तराखंड उपनल संविदा कर्मचारी संघ बनाम राधा रतूड़ीए मुख्य सचिव उत्तराखंड सरकारश् सम्बन्धी अवमानना वाद संख्या क्लोन 402/2024 की सुनवाई हुई ।  इस अवमानना याचिका में कहा गया है कि उत्तराखंड हाईकोर्ट ने  2018 में संविदा कर्मियों को नियमित किये जाने के निर्देश दिए थे । जिसके खिलाफ सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एस एल पी दायर की । सुप्रीम कोर्ट ने 15 अक्टूबर 2024 को सरकार की एस एल पी खारिज कर दी  लेकिन सरकार द्वारा नियमितीकरण की कार्यवाही नहीं की गई ।

इस मामले उपनल संविदा कर्मचारी संघ की ओर से मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता जे. एम. शर्मा द्वारा पैरवी की गई  जबकि मुख्य सचिव की ओर से शपथ पत्र दायर कर कहा गया कि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के सम्बन्ध में रिव्यू पिटीशन दायर की है । उनकी ओर से रिव्यू पिटीशन में फैसला आने तक अवमानना को स्थगित रखने की प्रार्थना की है।  उपनल संविदा कर्मचारी संघ के अधिवक्ता ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का जिक्र करते हुए कहा कि रिव्यू दाखिल कर देने से आदेश की पालना नहीं रुक जाती। कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद पूर्व के आदेश पर हुई कार्यवाही पर जबाव देने  के लिए 4 सप्ताह का समय राज्य सरकार को दिया है। सुनवाई के दौरान उपनल कर्मचारी संघ के हाईकोर्ट के अधिवक्ता एम सी पंत द्वारा कोर्ट को यह अवगत कराया गया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी उपनल कर्मचारियों को हटाया जा रहा है । 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *