कुलपति प्रोफेसर रावत ने प्रेस वार्ता कर कुविवि में छात्रा का असाइमेंट के अंक विवाद का मामले की स्थिति की स्पष्ट

नैनीताल । कुमाऊँ विश्वविद्यालय ने भू विज्ञान विभाग की एक छात्रा के असाइमेंट के अंक विवाद के बीच उसकी अंकतालिका में असाइमेंट के अंक जोडक़र संशोधित अंक तालिका दे दी है ।दूसरी ओर इस विवाद के बाद कुलपति द्वारा ३१ अगस्त को पद मुक्त होने के लिए एक पत्र राज्यपाल को भेजा था जिसे राजभवन (लोकभवन) द्वारा स्वीकार कर लिया गया है जिसके बाद कुलपति प्रो.दीवान सिंह रावत सोमवार (आज) को पदमुकत हो रहे हैं।
मामले को लेकर कुलपति प्रो.(कर्नल) दीवान सिंह रावत ने रविवार को पत्रकारों से वार्ता में स्पष्ट किया कि छात्रा के असाइनमेंट अंक भूगर्भ विभाग द्वारा समय पर परीक्षा अनुभाग को नहीं भेजे गए थे। इसके बावजूद विश्वविद्यालय ने छात्रा के भविष्य और छात्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मानवीय आधार पर उसकी अंकतालिका संशोधित कर दी है और उसे संशोधित मूल अंकतालिका तथा उपाधि भी सौंप दी गई है।
अभिलेखों के अनुसार असाइनमेंट जमा करने की प्रक्रिया में भारी लापरवाही सामने आई है। निर्धारित तिथि २५ फरवरी २०२३ के दो माह बाद तक असाइनमेंट जमा नहीं हुआ था और भू.विज्ञान विभाग के पास इसके जमा होने का कोई स्पष्ट रिकॉर्ड भी मौजूद नहीं था। विभागाध्यक्ष द्वारा अलग-अलग तिथियों (अप्रैल २०२३/ जुलाई २०२३/ अप्रैल २०२४ और अप्रैल २०२६) में अंक भेजने के दावे तो किए गए लेकिन परीक्षा अनुभाग में अंक प्राप्ति का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड उपलबध नहीं था। इसके अलावा विलंब से अंक स्वीकार करने के लिए नियमानुसार परीक्षा नियंत्रक की अनुमति और निर्धारित शुल्क की प्रक्रिया का भी पालन नहीं किया गया था।
जुलाई २०२६ में छात्रा जब कुलपति से मिली तो उसके पास अपने दावे के समर्थन में कोई दस्तावेज नहीं था। इसके बावजूद कुलपति ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए उप परीक्षा नियंत्रक को विभागाध्यक्ष से तत्काल विस्तृत रिपोर्ट लेने के निर्देश दिए। विभागाध्यक्ष द्वारा २३ जुलाई २०२६ को सौंपी गई रिपोर्ट और उपलबध तथ्यों के आधार पर ३० जुलाई २०२६ को समाधान पखवाड़े में प्रकरण का निस्तारण करते हुए अंकतालिका में संशोधन किया गया।
कुलपति प्रो.रावत ने कहा कि यह निर्णय प्रक्रियागत चूक को उचित ठहराने के लिए नहीं बल्कि छात्रा का साल और करियर बचाने के उद्देश्य से लिया गया है। कहा कि इस मामले में प्रशासनिक अक्षमता और प्रक्रियागत त्रुटि की जिमेदारी तय करने के लिए उच्चस्तरीय जांच का निर्णय लिया गया है। कुलपति प्रो. रावत ने निष्पक्ष जांच हेतु कुलाधिपति एवं राज्यपाल से उच्चस्तरीय जांच समिति गठित करने का अनुरोध किया है।
उल्लेखनीय है कि प्रो. रावत ने कुमाऊं विवि नैनीताल में २१ जुलाई २०२३ को कार्यभार संभाला था इसलिए शुरुआती घटनाएं पूर्व प्रशासन के समय की हैं वहीं कुलपति प्रो.रावत पर छात्रा द्वारा दुव्र्यवहार के आरोप भी लगाए गए हैं जिसकी शिकायत पुलिस में की गई है। जिसकी स्वतंत्र जांच की मांग भी कुलपति ने की है ।इस बीच कुलपति प्रो. दीवान सिंह रावत ने २३ अगस्त को राजभवन को पत्र लिखकर ३१ अगस्त (आज) को पदमुक्त होने के लिए पत्र लिखा था जिसे राजभवन ने स्वीकार कर लिया गया है और वे अब सोमवार (आज) को अपना पदभार छोड़ रहे हैं।




















