हाफ़िज़ ज़हूरुल इस्लाम कादरी चिश्ती “क़ुतुब-ए-नैनीताल” (रदियल्लाहु ताला अन्हु) के 90वें उर्स-ए-मुक़द्दस को कमेटी की हुई बैठक

नैनीताल। सरोवर नगरी मे आगामी 90वें उर्स हजरत हाफिज जहूरुल इस्लाम कादरी चिश्ती “क़ुतुब-ए-नैनीताल” (रदियल्लाहु ताला अन्हु) के मुक़द्दस और मसर्रत अंगेज़ मौक़े पर आज पवेलियन होटल (निवास स्थान सरपरस्त अब्दुल हमीद साहब) में एक अतीव महत्वपूर्ण और रूहानी बैठक का इन्अक़ाद (आयोजन) किया गया। इस नशिश्त (बैठक) में गुलशन-ए-गौहर कमेटी और उर्स कमेटी के तमाम मोअज्ज़िज़ (सम्मानित) अराकीन (सदस्यों) ने यकज़हती (एकजुटता) का मुज़ाहिरा करते हुए पूरी अक़ीदत-ओ-अहतराम और बाहमी तआवुन (आपसी सहयोग) से उर्स-ए-पाक को कामयाबी के साथ पाए-ए-तक्मील (इख्तिताम) तक पहुंचाने का मुश्तरका अज़्म (संकल्प) लिया।बैठक की सदारत में उर्स शरीफ के तीन रोज़ाह (दिवसीय) मज़हबी और रूहानी प्रोग्रामों की रूपरेखा सर्वसम्मति से तय की गई। जो हसब-ए-ज़ैल (निम्नानुसार) है:चाँद की 27 तारीख़ (संभावित 8 अक्टूबर 2026): बाद नमाज़-ए-जोहर क़ुरान ख़्वानी और सलातो-सलामी तथा बाद नमाज़-ए-मग़रिब रूहानी महफ़िल-ए-मिलाद शरीफ का इन्अक़ाद।चाँद की 28 तारीख़ (संभावित 9 अक्टूबर 2026): बाद नमाज़-ए-मग़रिब हल्का-ए-ज़िक्र की बा-बरकत महफ़िल और बाद नमाज़-ए-इशा महफ़िल-ए-समा (क़व्वाली) का पुर-असर एहतमाम।चाँद की 29 तारीख़ (संभावित 10 अक्टूबर 2026): बाद नमाज़-ए-जोहर सरपरस्त मोहतरम अब्दुल हमीद साहब के निवास स्थान से चादर शरीफ उठाई जाएगी। दरमियान असर-ओ-मग़रिब 12 पत्थर स्थित मज़ार-ए-अक़्दस पर सैयद असलम मियां वामी की जिलानी के ज़ेर-ए-सरपरस्ती चादर पोशी की रस्म अदा की जाएगी, जिसके फ़ौरन बाद लंगर-ए-आम तकसीम होगा। बाद नमाज़-ए-इशा महफ़िल-ए-समा और अगले दिन सुबह 4:00 बजे क़ुल शरीफ की पुर-असर रस्म के साथ उर्स का समापन (इख्तिताम) होगा।अहम नोट: उर्स शरीफ की यह तमाम तारीख़ें मुकम्मल तौर पर इस्लामी कैलेंडर (चाँद देखने) पर मुनहसिर हैं। इस मौके पर नायाब सदर शाहिद अली वारसी, महासचिव परवेज़, कोषाध्यक्ष मोहम्मद खालिद, सचिव राशिद, सदस्य रईस, सरपरस्त रईस अहमद, रईस वारसी, मोहम्मद ताहिर, मोहम्मद शफीक, अब्दुल वासिद, मोहम्मद याकूब, मोहम्मद शादाब, सरपरस्त अब्दुल हमीद, मोहम्मद कासिम, मोहम्मद रुमान नाज़िम सहित अन्य सदस्य मौजूद थे।




















