November 7, 2026
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सामाजिक कार्यकर्ता  चन्द्र शेखर जोशी पप्पन ने मुख्यमंत्री को 

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पाइंस स्थित श्मशान घाट मार्ग के सुदृढ़ीकरण और 

पोस्टमार्टम हाउस के स्थानांतरण के संबंध में भेजा पत्र 

नैनीताल। सरोवर नगरी  के पाइंस स्थित ऐतिहासिक श्मशान घाट मार्ग के सुदृढ़ीकरण की मांग शहर के लोगों द्वारा पिछले कई दशक से की जा रही है। लेकिन विभागीय तकनीकी दिक्कतों के चलते इसका रास्ता साफ नहीं हो रहा है मामले का फिर संज्ञान लेते हुए सामाजिक कार्यकर्ता चंद्रशेखर जोशी पप्पन ने   हेतु वन विभाग की अनापत्ति (NOC) एवं पोस्टमार्टम हाउस के स्थानांतरण के संबंध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र भेज कर इन कार्यों को अति शीघ्र करने का निवेदन किया है। बता दें पत्र में उन्होंने अवगत कराया है कि नैनीताल नगर के पाइंस  क्षेत्र में स्थित श्मशान घाट वर्ष 1939 (ब्रिटिश काल) से वन विभाग की भूमि पर स्थापित है, जिसके प्रबंधन का दायित्व नगरपालिका परिषद, नैनीताल का है। इस पत्र के माध्यम से मैं आपका ध्यान यहाँ की अत्यंत संवेदनशील जन-समस्याओं और प्रशासनिक बाधाओं की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ:

​मार्ग की अत्यंत जर्जर स्थिति: मुख्य मार्ग से श्मशान घाट तक का लगभग 900 मीटर का पैदल रास्ता पूरी तरह क्षतिग्रस्त और संकरा हो चुका है। शोक संतप्त परिजनों को शवयात्रा के दौरान इस दुर्गम मार्ग पर चलने में अत्यंत कष्ट का सामना करना पड़ता है।

​अमानवीय स्थिति: लावारिस या अज्ञात शवों के अंतिम संस्कार के समय तीखी ढलान वाले इस पथरीले रास्ते से शव को कंधे पर लेकर जाना सामाजिक कार्यकर्ताओं के लिए अत्यंत पीड़ादायक और अमानवीय हो जाता है।

​सर्वसमाज का एकमात्र गंतव्य: यह श्मशान घाट नैनीताल के समस्त सनातनी हिंदू समाज एवं अल्पसंख्यक सिख समुदाय के लिए अंतिम संस्कार का एकमात्र पवित्र स्थान है। ​आबादी के बीच पोस्टमार्टम हाउस: वर्तमान पोस्टमार्टम हाउस घनी आबादी और मुख्य मार्ग पर स्थित है, जहाँ से स्थानीय महिलाओं, स्कूली बच्चों और पर्यटकों का निरंतर आवागमन होता है। इस संवेदनशील परिसर का यहाँ होना व्यावहारिक व मानसिक रूप से उचित नहीं है। जबकि पाइंस श्मशान घाट के समीप ही वन विभाग का एक रिक्त भवन (पूर्व चौकीदार आवास) उपलब्ध है, जहाँ इसे आसानी से स्थानांतरित किया जा सकता है। बता दे 

इस लोक-कल्याणकारी कार्य हेतु माननीय उच्च न्यायालय, नैनीताल एवं माननीय मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा पूर्व में भी सड़क के सुदृढ़ीकरण की बात कही जा चुकी है। परंतु, वन विभाग की ओर से अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) निर्गत न होने के कारण यह कार्य विगत कई वर्षों से लंबित है। चूंकि यह भूमि वन भूमि है, अतः जनहित में वन विभाग स्वयं भी अपने स्तर से इस मार्ग का सुदृढ़ीकरण करवा सकता है, ताकि वहाँ तक कम से कम एक आपातकालीन शव-वाहन सुगमता से आ-जा सके।

​अतः महोदय से करबद्ध प्रार्थना है कि:

​वन विभाग को निर्देश: जन-संवेदनाओं को सर्वोपरि रखते हुए, श्मशान घाट मार्ग को हल्के शव-वाहन के योग्य बनाने हेतु वन विभाग को अविलंब अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) जारी करने अथवा विभागीय स्तर से ही इसके सुदृढ़ीकरण की वित्तीय व प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान करने हेतु निर्देशित करने की कृपा करें।

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