राजकीय इंटर कॉलेज, भूमियाधार में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया हरेला पखवाड़ा
पर्यावरण संरक्षण, योग, सामान्य ज्ञान एवं सांस्कृतिक गतिविधियों से संबंधित कार्यक्रम हुए आयोजित

भूमियाधार नैनीताल। सरोवर नगरी के समीप वर्ती भवाली रोड स्थित राजकीय इंटर कॉलेज, भूमियाधार में बीते दो दिन में पूर्ण शुक्रवार को हरेला पखवाड़ा हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण, योग, सामान्य ज्ञान एवं सांस्कृतिक गतिविधियों से संबंधित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रभारी प्रधानाचार्य श्री त्रिभुवन अग्रगामी ने किया। उन्होंने विद्यार्थियों को योग के महत्व तथा अनुशासित जीवन की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। श्री विजय सिंह अधिकारी, प्रवक्ता (इतिहास) ने विद्यार्थियों की सामान्य ज्ञान क्षमता के विकास के उद्देश्य से एक विशेष कार्यशाला आयोजित की तथा कार्यक्रम का सफल संचालन किया। शिक्षक-अभिभावक संघ के अध्यक्ष श्री राजेन्द्र प्रसाद ने विद्यार्थियों को हरेला पर्व की सांस्कृतिक एवं पर्यावरणीय महत्ता से अवगत कराते हुए प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया।
प्रतियोगिताओं में जूनियर वर्ग की निबंध प्रतियोगिता में नीलम (कक्षा 7) ने प्रथम, समर कुमार (कक्षा 7) ने द्वितीय तथा अंतरा (कक्षा 7) ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। भावेश (कक्षा 6) को मौलिक कविता-पाठ में उत्कृष्ट प्रस्तुति के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
सीनियर वर्ग की मौलिक कविता-पाठ प्रतियोगिता में समीक्षा बिष्ट (कक्षा 12-बी) ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। पोस्टर प्रतियोगिता में दिव्या (कक्षा 12-बी) ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। निबंध प्रतियोगिता में प्रियांशी आर्या (कक्षा 11-बी) प्रथम, खुशी आर्या (कक्षा 12-ए) द्वितीय तथा सीमा आर्या (कक्षा 11-ए) तृतीय स्थान पर रहीं।
कार्यक्रम को सफल बनाने में श्रीमती निहारिका आर्या, प्रवक्ता (राजनीति विज्ञान) तथा श्रीमती प्रियंका पाण्डेय, एल.टी. (अंग्रेज़ी) अतिथि शिक्षिका ने पूर्ण मनोयोग एवं समर्पण के साथ अपना अमूल्य योगदान दिया।
उल्लेखनीय है कि हरेला उत्तराखण्ड का एक प्रमुख लोकपर्व है, जो हरियाली, पर्यावरण संरक्षण तथा प्रकृति के प्रति आस्था का प्रतीक है। आषाढ़ मास के आगमन पर मनाए जाने वाले इस पर्व में बड़े-बुज़ुर्ग अपने परिवारजनों को दीर्घायु, सुख, समृद्धि एवं शांति का आशीर्वाद देते हैं। यह पर्व वृक्षारोपण एवं प्रकृति संरक्षण के प्रति सामूहिक संकल्प का संदेश भी देता है।




















