September 24, 2026
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79 यूके बटालियन एनसीसी, नैनीताल के CATC कैंप, घोड़ाखाल में हुआ  अतिथि व्याख्यान

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नैनीताल। 79 यूके बटालियन एनसीसी, नैनीताल द्वारा घोड़ाखाल में आयोजित संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर (CATC) के अंतर्गत 17 जून 2025 को प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय मैराथन धावक, पूर्व सैनिक, खेल प्रशासक एवं प्रशिक्षक सूबेदार मेजर सुरेश चन्द्र पाण्डे (सेवानिवृत्त) द्वारा एक प्रेरणादायी अतिथि व्याख्यान दिया गया। उनका जीवन संघर्ष, अनुशासन, उत्कृष्ट खेल उपलब्धियों तथा राष्ट्रसेवा का प्रेरक उदाहरण है। अल्मोड़ा जनपद में 07 अगस्त 1963 को जन्मे श्री पाण्डे वर्ष 1981 में कुमाऊँ रेजीमेंट में भर्ती हुए और अपनी लगन एवं परिश्रम से सेना तथा खेल दोनों क्षेत्रों में विशिष्ट पहचान बनाई। व्याख्यान के दौरान उन्होंने एनसीसी कैडेटों को अनुशासन, दृढ़ संकल्प, निरंतर अभ्यास, शारीरिक फिटनेस तथा राष्ट्रभक्ति के महत्व पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि खेल हो या जीवन, सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। कठिन परिश्रम, समय का सदुपयोग, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच ही व्यक्ति को उसके लक्ष्य तक पहुंचाती है। उन्होंने कैडेटों को चुनौतियों का सामना करते हुए निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। श्री पाण्डे की खेल उपलब्धियाँ अत्यंत गौरवपूर्ण रही हैं। उन्होंने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की अनेक प्रतियोगिताओं में पदक अर्जित किए, जिनमें प्रमुख हैं—

• वर्ष 1985 में जबलपुर में आयोजित राष्ट्रीय क्रॉस कंट्री चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक। 

• वर्ष 1985 में नई दिल्ली में राष्ट्रीय ओपन मैराथन में स्वर्ण पदक। 

• वर्ष 1986 में राष्ट्रीय क्रॉस कंट्री एवं ओपन मैराथन प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक। 

• आईएएएफ विश्व क्रॉस कंट्री चैम्पियनशिप में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व। 

• राष्ट्रीय सर्विसेज प्रतियोगिताओं एवं राष्ट्रीय मैराथन स्पर्धाओं में अनेक पदक। 

• केन्या, जापान, मलेशिया, सिंगापुर सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व। 

• वर्ष 1996 में 20वीं राष्ट्रीय क्रॉस कंट्री चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक। 

उन्होंने बताया कि खेल उपलब्धियों के साथ-साथ उन्होंने शिक्षा एवं प्रशिक्षण को भी समान महत्व दिया तथा वर्षों तक खिलाड़ियों को प्रशिक्षित कर अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के एथलीट तैयार किए। 60 वर्ष से अधिक आयु होने के बावजूद वे आज भी प्रतिदिन प्रातःकाल नियमित अभ्यास करते हैं और युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बने हुए हैं। कैडेटों को उनके खेल प्रशासन में योगदान के बारे में भी जानकारी दी गई। जिला क्रीड़ा अधिकारी से लेकर उत्तराखण्ड खेल विभाग में वरिष्ठ पदों तक कार्य करते हुए उन्होंने प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने तथा खेल संस्कृति को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें लक्ष्मण पुरस्कार तथा मुख्यमंत्री खेल पुरस्कार सहित अनेक सम्मान प्राप्त हुए हैं। व्याख्यान के अंत में आयोजित संवाद सत्र में कैडेटों ने खेल, करियर, नेतृत्व, सेना जीवन तथा आत्मअनुशासन से जुड़े प्रश्न पूछे, जिनका श्री पाण्डे ने अपने अनुभवों के आधार पर उत्तर दिया। यह सत्र अत्यंत प्रेरणादायक रहा तथा कैडेटों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रसेवा की भावना को और अधिक सुदृढ़ करने वाला सिद्ध हुआ। कार्यक्रम के समापन पर एनसीसी अधिकारियों, एएनओ, पीआई स्टाफ एवं कैडेटों ने श्री सुरेश चन्द्र पाण्डे का आभार व्यक्त करते हुए उनके प्रेरणादायी विचारों को युवा पीढ़ी के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।

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