संगीत नाटक अकादमी अवॉरडीज थिएटर फेस्टिवल के तहत युगमंच के कलाकारों ने ओ जन्मया नई नाटक की प्रस्तुति दी
निर्मल पाण्डे की मूल संकल्पना पर आधारित नाटक ओ जन्मया नई


नैनीताल । संगीत नाटक अकादमी अवॉरडीज थिएटर फेस्टिवल के तहत नैनीताल में युगमंच द्वारा सोमवार को असगर वजाहत द्वारा लिखित प्रसिद्ध नाटक ओ जन्मया नई की भाव पूर्ण प्रस्तुति से दर्शकों को भाव विभोर कर दिया।
संगीत नाटक अकादमी द्वारा नाट्य निर्देशन हेतु राष्ट्रीय पुरस्कार से सममानित नैनीताल के रंगकर्मी एवं युगमंच के अध्यक्ष जहूर आलम को सममानित किए जाने पर उनके द्वारा अभिनीत प्रसिद्ध नाटक ओ जन्मया नहीं का मंचन शैले हाल नैनीताल में किया गया। प्रसिद्ध नाटककार असगर वजाहत द्वारा लिखित नाटक ओ जन्मया नई की मूल परिकल्पना निर्मल पाण्डे द्वारा तैयार की गयी थी जबकि प्रस्तुति निर्देशन ज़हूर आलम द्वारा एवं स्क्रिप्ट संपादन प्रदीप पांडे द्वारा किया गया था। नाटक का मूल संगीत बांग्लादेश के सानी जुबेर द्वारा दिया गया है जबकि प्रस्तुति संगीत निर्देशन नैनीताल के संगीतकार नवीन बेगाना थे।ओ जन्मया नहीं नाटक में भारत पाकिस्तान के विभाजन के समय की भयानक दौर के बावज़ूद मानवीय संवेदनाओं को उजागर करते हुए अपना वतन छोडऩे के दर्द सहित सामप्रदायिक सौहार्द का बेहतर संदेश दिया गया था। नाटक में बड़े मार्मिक अंदाज में मानवीय संवेदनाओं को बड़ी खूबसूरती के साथ प्रस्तुत किया गया।
नाटक की केंद्रीय भूमिका में रतन लाल जोहरी की माँ की सशक्त भूमिका जहूर आलम द्वारा निभाते हुए एवं कई दृश्यों में दर्शकों को रोने पर मजबूर कर दिया जबकि मिर्जा साहब की भूमिका में वरिष्ठ कलाकार मिथिलेश पाण्डे, पहलवान के दमदार रोल में मदन मेहरा, शायर नासिर काजमी के रूप में मनोज कुमार, हमीदा बेगम के रूप में अदिति खुराना, मौलवी की भूमिका में डॉ मोहित सनवाल, तन्नो की भूमिका में हर्षिता गुसाई, मुनादी वाला में कौशल साह, हिदायत खां की भूमिका में डॉ. हिमांशु पाण्डे सहित अलीम, पवन कुमार, हामिद, नीरज डालाकोटी, कस्टोडियन दीपक बोरा व हर्ष यादव द्वारा सराहनीय योगदान दिया देते हुए नाटक को यादगार बना दिया। मंच संचालन हेमंत बिष्ट ने किया।पाश्र्व में प्रकाश व्यस्था अनिल कुमार, वित्त एवं निर्माण नियंत्रक भास्कर बिष्ट एवं रफ त आलम, संगीत गायन में रोहित जोशी, उमा, मीनाक्षी बंगारी, दिया आर्या, अनुष्का कोहली सहित रोहित वर्मा, हर्षिता, कनिका, विवेक खोलिया, इंतखाब आलम व वीरेंद्र साह आदि सहित प्रस्तुति को सफल बनाने में प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से राजीव लोचन साह, डी के शर्मा तथा शारदा संघ के प्रो. डी एस बिष्ट व चंद्र लाल साहए आदि द्वारा योगदान दिया गया।
प्रस्तुति में संगीत नाटक अकादमी की प्रतिनिधि के तौर पर उत्तराखंड की प्रसिद्ध लोक गायिका पद्मश्री डॉ बसंती बिष्ट, पद्म अनूप साह, नगर पालिका अध्यक्ष डॉ सरस्वती खेतवाल, समाज सेवी के पी साह, आलोक साह, गीता साह, राजीव लोचन साह समेत कई लोग मौजूद रहे।





















