संगीत नाटक अकादमी अवॉरडीज थिएटर फेस्टिवल के तहत
युगमंच द्वारा 8 जून को शैले हाल में प्रस्तुत किया जाएगा नाटक “ओ जन्मया नई”

नैनीताल। सरोवर नगरी में शारदा संघ के सभागार में युग्मांच के रंग कर्मियों द्वारा वरिष्ठ रंगकर्मी जहूर आलम ने प्रेस वार्ता कर बताया संगीत नाटक अकादमी द्वारा देश भर के राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित व्यक्तियों की संस्थाओं के द्वारा संगीत नाटक अकादमी अवॉरडीज थिएटर फेस्टिवल के तहत अलग-अलग स्थानों पर नाटकों की प्रस्तुतियां दी जा रही हैं। इसी श्रृंखला में राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित सरोवर नगरी के वरिष्ठ रंगकर्मी एवं युगमंच के अध्यक्ष जहूर आलम को सम्मानित किए जाने पर उनके द्वारा अभिनीत प्रसिद्ध नाटक “को जन्मया नहीं” का मंचन शैले हाल नैनीताल में आगामी 8 जून को किया जा रहा है। प्रसिद्ध नाटककार असगर वजाहत द्वारा लिखित नाटक “ओ जन्मया नई” का निर्देशन ज़हूर आलम द्वारा एवं स्क्रिप्ट संपादन प्रदीप पांडे द्वारा किया गया है। नाटक का मूल संगीत बांग्लादेश के सानी जुबेर द्वारा दिया गया है, जबकि प्रस्तुति संगीत निर्देशन नैनीताल के संगीतकार नवीन बेगाना द्वारा किया जा रहा हैं उन्होंने बताया भारत पाकिस्तान के विभाजन की विभीषिका के दर्द को इस नाटक के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है, जिसमें तमाम दहशत गर्दी के बीच मानवीय संवेदनाओं को बड़ी खूबसूरती के साथ प्रस्तुत किया गया है। नाटक में मुख्य भूमिका के रूप में रतन लाल जोहरी की माँ की शशक्त भूमिका ज़हूर आलम द्वारा निभाई गयी है. साथ ही मुख्य भूमिकाओं में मिथिलेश पाण्डे, मदन मेहरा, मनोज कुमार सहित अदिति खुराना, डॉ मोहित सनवाल, हर्षिता गुसाई, कौशल साह, डॉ हिमांशु पाण्डे, पवन कुमार, नीरज डालाकोटी, दीपक बोरा, हर्ष यादव द्वारा सराहनीय योगदान दिया जा रहा है।
नाटक में प्रकाश व्यस्था अनिल कुमार तथा वित्त एवं निर्माण नियंत्रक के रूप में भास्कर बिष्ट एवं रफत आलम द्वारा योगदान दिया जा रहा है।
इस प्रस्तुति में संगीत नाटक अकादमी की प्रतिनिधि के तौर पर उत्तराखंड की प्रसिद्ध लोक गायिका पद्म श्री डॉ बसंती बिष्ट सहित विशिष्ट अतिथियो के रूप में कुमाऊँ विश्व विद्यालय के वाईस चान्सलर प्रो दीवान सिंह रावत सहित पद्म श्री अनूप साह, समाज सेवी आलोक साह, गीता साह के पी साह आदि द्वारा अपनी गरिमामयी उपस्थिति प्रदान की जाएगी। इस मंचन की
प्रस्तुति को सफल बनाने में प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से राजीव लोचन साह, डी के शर्मा, शारदा संघ के प्रो डी एस बिष्ट, चंद्र लाल साह, आदि द्वारा योगदान दिया जा रहा हैं।





















