खाने (मीट) में मिर्च अधिक होने पर हत्या के जुर्म में
अभियुक्त को आजीवन कारावास
नैनीताल । अपर जिला एवं सत्र न्यायधीश द्वितीय कुलदीप शर्मा की अदालत ने हत्या के जुर्म में एक अभियुक्त को आजीवन कारावास व 50 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई ।
अभियोजन पक्ष के अनुसार धारी तहसील अंतर्गत पहाड़पानी (कालीगढ़ी गधेरा) क्षेत्र में वर्ष 2019 रात्रि में पूजा के दौरान हुई एक सनसनीखेज हत्याकांड हुआ था । घटना 7 सितंबर 2019 की रात्रि की है जहां पहाड़पानी क्षेत्र में एक धार्मिक पूजा कार्यक्रम का आयोजन किया गया था । भोजन के दौरान अशोक मेलकानी ने खाने (मीट) में मिर्च अधिक होने की बात कही । इस बात पर वहां मौजूद ललित मोहन चौसाली भडक़ गया और दोनों के बीच बहस व धक्का.मुक्की शुरू हो गई हालांकि उस समय वहां उपस्थित अन्य लोगों ने दोनों को शांत करवाकर मामला रफादफा कर दिया था लेकिन पूजा स्थल पर हुए विवाद के बाद जब अशोक मेलकानी अपने एक साथी के साथ घर की ओर निकलने लगा और करीब 15_20 मीटर आगे पहुँचा तो उसने अभियुक्त ललित को धमकाया । इस पर आक्रोशित होकर ललित मोहन चौसाली दौड़ते हुए उसके पास पहुँचा और अपने पास रखे चाकू से अशोक की छाती पर ताबड़तोड़ प्रहार कर दिए । गंभीर रूप से घायल अशोक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद मृतक के भाई बबलू मेलकानी ने पट्टी चौभेंसी पुलिस (राजस्व) में इस संबंध में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई थी । विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता राम सिंह रौतेला ने दमदार पैरवी करते हुए कुल 12 गवाहों को अदालत में पेश किया गया । बचाव पक्ष ने दलील दी कि घटना में प्रयुक्त चाकू पर मानव रक्त नहीं पाया गया था और आरोपी को झूठा फंसाया गया है परंतु न्यायालय ने पाया कि घटना के तुरंत बाद मौके पर पहुँचे चश्मदीद साक्षियों (जैसे जगदीश चन्द्र मिश्रा और राजेन्द्र भट्ट) के बयान अटूट और विश्वसनीय थे जिन्होंने अभियुक्त को घटनास्थल पर हाथ में चाकू लिए और अपना गुनाह कबूल करते हुए देखा था । अदालत ने माना कि पूर्व शत्रुता न होने के बावजूद भोजन का विवाद हत्या का पर्याप्त कारण (हेतुक) था और आरोपी को धारा 302 के तहत दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा व 50 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई । अर्थदंड न देने पर 3 माह का अतिरिक्त कारावास होगा ।





















