सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारियों ने किया महादेवी सृजन पीठ का भ्रमण

रामगढ़ नैनीताल। भारत सरकार के न्याय विभाग में सचिव, विभिन्न केन्द्र शासित प्रदेशों में चुनाव आयुक्त और इनलैंड वाटरवेज अथारिटी आफ इंडिया की अध्यक्ष रही सेवानिवृत्त आई.ए.एस. अधिकारी भूपिन्दर प्रसाद तथा नेपाल, अफगानिस्तान और जेनेवा में राजदूत का दायित्व संभाल चुके सेवानिवृत्त आई.एफ.एस. अधिकारी जयंत प्रसाद ने कुमाऊँ विश्वविद्यालय की रामगढ़ स्थित महादेवी वर्मा सृजनपीठ का भ्रमण किया तथा सृजनपीठ के रखरखाव की सराहना की।
भारतीय प्रशासनिक सेवा की सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारी भूपिन्दर प्रसाद ने महादेवी वर्मा सृजन पीठ को लेखकों के लिए प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने पीठ परिसर में नवनिर्मित अमृतलाल नागर मैमोरियल राइटर्स होम को लेखकों के लिए सराहनीय पहल बताया। उन्होंने कहा कि लेखक यहाँ ठहरकर उस प्राकृतिक परिवेश से साक्षात्कार कर सकेंगे जिसकी तलाश में विदुषी कवयित्री सुदूर इलाहाबाद से इस स्थान पर आई थी। उन्होंनें सृजन पीठ के संग्रहालय में संग्रहित महादेवी वर्मा द्वारा बनाई गई दुर्लभ पेंटिंग्स को वैज्ञानिक विधि से संरक्षित किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया।
भारतीय विदेश सेवा के सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारी जयंत प्रसाद ने सृजन पीठ की इस बात के लिए सराहना की कि महादेवी जी के घर ‘मीरा कुटीर’ को उसके वास्तविक स्वरूप में बरकरार रखा गया है। महादेवी वर्मा सृजन पीठ के समन्वयक मोहन सिंह रावत ने सेवानिवृत्त प्रशासनिक अघिकारियों को ‘मीरा कुटीर’ के इतिहास, महादेवी सृजन पीठ की स्थापना, पीठ की गतिविधियों और भावी योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान पीठ कर्मी बहादुर सिंह कुँवर भी उपस्थित थे।





















