September 24, 2026
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पोएट्री आ टूल फॉर सोशल अवेकनिंग विषय अमिताभ सिंह बाघेल ने दिया व्याख्यान

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नैनीताल। सरोवर नगरी में कुमाऊं विश्वविद्यालय के डी.एस.बी. परिसर में समाजशास्त्र विभाग एवं विजिटिंग प्रोफेसर निदेशालय के संयुक्त तत्वावधान पोएट्री आ टूल फॉर सोशल अवेकनिंग विषय अमिताभ सिंह बाघेल ने व्याख्यान दिया।
कार्यक्रम के प्रारंभ में समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. ज्योति जोशी ने स्वागत उद्बोधन में विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि समाजशास्त्र के अध्ययन के साथ कविता का पठन भी अनिवार्य है, क्योंकि दो पंक्तियाँ वह कह देती हैं जो एक गहन शोध भी पूरी तरह नहीं कह पाता। कार्यक्रम का संचालन प्रो. प्रियंका नीरज रुवाली द्वारा किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता ‘आग़ाज़ पोएट्री मूवमेंट’ के संस्थापक तथा नैनीताल लिटरेचर फेस्टिवल, जिंदल लिटरेचर फेस्टिवल और कौशला लिटरेचर फेस्टिवल के संस्थापक व आयोजक श्री अमिताभ सिंह बघेल रहे। श्री बघेल की पुस्तक ‘ज़िंदगी से डरते हो’ देवनागरी में नून मीम राशिद की नज़्मों का प्रथम संग्रह है।
श्री अमिताभ ने अपने व्याख्यान में उर्दू एवं हिंदुस्तानी शायरी की उस परंपरा पर प्रकाश डाला जो सदैव सामाजिक जागृति का माध्यम रही है। उन्होंने कबीर से लेकर फ़ैज़ अहमद फ़ैज़, साहिर लुधियानवी, कैफ़ी आज़मी, हबीब जालिब, अदम गोंडवी और मख़दूम मोहिउद्दीन की रचनाओं के माध्यम से स्पष्ट किया कि कविता किस प्रकार सामाजिक विसंगतियों, जातीय भेदभाव, लैंगिक असमानता एवं युद्ध की विभीषिका पर करारी चोट करती है।
प्रो. नीरजा टंडन (सेवानिवृत्त हिंदी विभाग) ने साहित्य को ‘मन का भोजन’ बताते हुए अपने उद्बोधन में कहा कि साहित्य यथार्थ के साथ ‘जो होना चाहिए’ भी दिखाता है।
प्रभारी परिसर निदेशक प्रो. चंद्रकला रावत द्वारा अपने उद्बोधन में कहा गया कि कबीर से लेकर कुमाऊं में गुमानी पंत तक सभी रचनाकारों ने मानवता जगाने का काम किया है।
कार्यक्रम में विजिटिंग प्रोफेसर निदेशालय के निदेशक प्रो. ललित तिवारी ने कहा कि ‘मानसिक उज्ज्वलता का स्रोत’ कहा तथा मस्तिष्क का सुकून सबसे बड़ा आनंद है । कार्यक्रम में प्रॉफ हरीश बिष्ट , प्रो. नीलू लोधियाल, प्रो. सुषमा टम्टा, प्रो. आशीष तिवारी, प्रो. शशि पांडे, प्रो. रितेश शाह, प्रो. सावित्री कैड़ा जंतवाल, प्रो. हरिप्रिया पाठक, प्रो. संजय घिल्डियाल, प्रो. संजय टम्टा , डॉ. संतोष कुमार, डॉ. भूमिका प्रसाद, डॉ. रुचि मित्तल, प्रो. देवेंद्र सिंह बिष्ट प्रो. अर्चना श्रीवास्तव, , डॉ. सरोज पालीवाल, डॉ. अर्शी परवीन , डॉ. हरीश चंद्र मिश्रा एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थि उपस्थित रहे । कार्यक्रम का प्रारंभ दीप प्रज्वलन से तथा अमिताभ सिंह बघेल को अंगवस्त्र ,टोपी पहनाकर तथा पुष्पगुच्छ भेट कर सम्मानित किया गया।

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