September 29, 2026
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8वें बजट से देश के किसानों छात्र-छात्राओं थी बहुत उम्मीदे

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लगी निराशा हाथ व्यापारी नेता: त्रिभुवन फर्त्याल

नैनीतालl सरोवर नगरी आम बजट आते ही प्रतिक्रियों का दौर शुरू हो गया है व्यापारी नेता त्रिभुवन फर्त्याल ने कहा “एक राष्ट्र,एक चुनाव” की व्यवस्था लागू होती तो बजट में राज्य विशेषों को विशेष अनुकंपा प्राप्त नहीं होती। बिहार राज्य वासी गण प्रथम दृष्टया बजट में विशेष पैकेज को लेकर उत्साहित तो होंगे क्योंकि राज्य में चुनाव प्रस्तावित है, लेकिन मा ० मोदी जी द्वारा पूर्व में 1,25000/-करोड़ के विशेष आर्थिक पैकेज को भी याद करने के लिए भी विवश होंगे। मोदी सरकार -3 के प्रथम बजट जुलाई 2024 में आंध्र प्रदेश विधानसभा चुनावों के दृष्टिगत गठबंधन धर्म को निभाने का कार्य करते हुए आंध्र प्रदेश राज्य के लिए विशेष अनुकंपा की गयी ठीक उसी प्रकार बिहार राज्य को लेकर बजट-25 में घोषणा की गयी हैं।
बेहद निराशाजनक बजट आज के वित्त मंत्री मा० सीतारमन द्वारा निरंतर 8वें बजट से देश के किसानों, छात्र-छात्राओं विशेषकर उत्तराखंड राज्य को बहुत उम्मीद थी, किंतु अंतोगत्वा घोऋर निराशा हाथ लगी।
बजटट-2025 में महीनों से आंदोलनरत किसानों की बहुप्रतीक्षित मांग, फसलों की एमएसपी के संदर्भ में वित्त मंत्री द्वारा चुप्पी साधना उत्तराखंड जैसा पर्वतीय छोटा राज्य जोकि दो दो देशों की सीमाओं से लगा हुआ है और जिसका लगभग 68% भू-भाग वन आच्छादित है,जो ना केवल उत्तर भारत बल्कि संपूर्ण राष्ट्र को लगभग 94000 करोड़ धनराशि की वन आधारित सेवाएं उपलब्ध करवाता हो ना ही ग्रीन बोनस को लेकर एक शब्द और ना ही उत्तराखंड राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों से हो रहे पलायन, जोकि ना केवल राज्य सरकार के लिए विषम चुनौती है बल्कि देश की सामरिक सुरक्षा की दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है को लेकर किसी भी प्रकार से बजट में व्यवस्था ना किया जाना डबल इंजन सरकार और धामी सरकार की केंद्रीय स्तर पर विश्वसनीयता पर बहुत बड़ा प्रश्न चिन्ह है। खेती किसानी में किसान क्रेडिट कार्ड लिमिट को तीन लाख से बढ़ाकर मात्र पांच लाख रुपए करने के अतिरिक्त बजट में काश्तकारों के लिए कोई विशेष प्रावधान नहीं किये जाने से देश का अन्नदाता स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। यह आम बजट विभिन्न विधानसभाओं में गतिमान एवं प्रस्तावित चुनावों के दृष्टिगत मात्र “चुनावी बजट” प्रतीत होता है।

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