कृषि परियोजना को लेकर दो दिवसीय बैठक
ग्राम प्रधान डॉक्टर बबीता मनराल के सहयोग से हुई आयोजित





नैनीताल। ग्राम सभा का चयन विश्व बैंक वित्त घोषित उत्तराखंड जलवायु अनुकूल बारानी कृषि परियोजना को लेकर दो दिवसीय बैठक ग्राम प्रधान डॉक्टर बबीता मनराल के सहयोग से आयोजित की गई बैठक तोक रूसी बाईपास हिलांस में आयोजित की गई। बैठक में जन प्रतिनिधियों के अलावा ग्रामवासी वार्ड के सदस्य क्षेत्र पंचायत सदस्य जिला पंचायत सदस्य वन पंचायत प्रतिनिधियों ने प्रतिभा किया इस दौरान जलगम के अधिकारी और कर्मचारी गण मौजूद रहे। इस दौरान संबंधित विभाग का अधिकारियों द्वारा ग्राम वासियों को चल रही योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई और उन्हीं के माध्यम से समितियां का गठन भी किया गया जिसमें प्रमुख समिति जल एवं जलागम प्रबंधन समिति के अध्यक्ष ग्राम प्रधान डॉक्टर बबीता मनराल को मनोनीत किया गया। और समिति में मेंबर देवेंद्र रावत को सचिव मनोनीत किया गया। इसके अतिरिक्त दिनेश आर्य हीरा देवी मनीष कुमार को सदस्य नियुक्त किया गया दूसरी समिति राजस्व ग्राम समिति का अध्यक्ष भी ग्राम प्रधान डॉक्टर बबीता मनराल को बनाया गया और सचिव महेश टम्टा को बनाया गया शाहबाज, प्रेमा बिष्ट, राईम आर्य, को सदस्य मनोनीत किया गया। उसके अतिरिक्त कृषक समूह का गठन किया गया जिसका अध्यक्ष जीवन सिंह गेलाकोटी, सचिव सुनील कुमार को नियुक्त किया गया। बता दे इस बैठक में लगभग 40 से अधिक कृषकों द्वारा प्रतिभाग किया गया। ग्राम प्रधान द्वारा समिति का गठन होने के बाद सभी का आभार व्यक्त करते हुए ग्रामीणों को सरकार द्वारा चलाई जा रही योजना का लाभ दिलाने का आश्वासन दिया गया। इस मौके पर ग्राम प्रधान डॉक्टर बबीता मनराल द्वारा जलागम विभाग के जेई हिमांशु कुमार, कमल बेलवाल, नीरज कुमार, आनंद रस्तोगी, हेमचंद पाठक, भावना चंद्र से कोई भी जानकारी लेने के लिए और योजनाओं का लाभ दिलाने को लेकर संपर्क करने को कहा गया। सभी जनप्रतिनिधियों ने ग्राम प्रधान डॉक्टर बबीता मनराल के कार्यों की सराहना करते हुए उनका उत्साह वर्धन किया जिस पर डॉक्टर मनराल ने सभी को साथ लेकर आगे भी सभी कार्यों को करने का आश्वासन दिया। इस मौके पर बैठक में राजेंद्र चौहान, उमेद सिंह मनराल, कुंदन सिंह, राजेंद्र मनराल, योगेश बोरा, राजेंद्र राठौर, राजेंद्र मेहरा, गीता परिहार, चंद्रा देवी, शीला शिज़वाली, कुंदन सिंह चौहान, गोपाल सिंह बिष्ट, भारती सिजवाली, करन बोरा, सहित अन्य ग्रामीण मौजूद थे।




















