September 25, 2026
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फोरेंसिक सप्ताह के अवसर पर मूट कोर्ट आयोजित की गई

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नैनीताल। सरोवर नगरी में फोरेंसिक विज्ञान विभाग तथा डॉ० राजेन्द्र प्रसाद विधि संस्थान, डी. एस. बी कैम्पस, कुमाऊ विश्वविद्यालय, नैनीताल (विधि विभाग) के संयुक्त तत्वावधान में फोरेंसिक सप्ताह के अवसर पर मूट कोर्ट आयोजित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष डॉ सुरेश चन्द्र पाण्डेय ने की और मूट कोर्ट अर्थात आभासी अदालत के माध्यम से कानून के छात्रों को वास्तविक अदालती कार्यवाही का अनुभव प्रदान कराना है, जिससे वे अपने कानूनी तर्क, अनुसंधान, लिखित और मौखिक वकालत का कौशल विकसित कर सकें, अदालती शिष्टाचार सीख सकें और आत्मविश्वास प्राप्त कर सकें। यह आभासी अदालती सुनवाई होती है, जहाँ छात्र काल्पनिक मामलों पर बहस करते हैं, जिससे वे पेशेवर वकील बनने के लिए आवश्यक व्यावहारिक कौशल प्राप्त कर सकें। कार्यक्रम के समनव्यक डॉ सागर सिंह पाटनी रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ राशि मिगलानी द्वारा किया गया। मूट विचारण में फोरेंसिक विशेषज्ञों की भूमिका के महत्व को भी उजागर किया गया। विधि विभाग की ओर से अभियोजन यशिता करगेती, जया बहुगुणा तथा प्रतिरक्षा पक्ष से निधि हरड़िया तथा कशिश पाण्डेय रहे। इस की अतिरिक्त पूजा, हिमांशु व फोरेंसिक विशेषज्ञों में अतुल रावत, आकाश सिंह, सुबे सैनी, सलौनी बोरा, मुस्कान, सताक्षी शर्मा, सोनी महर थे। तथा दोनों विभाग के सभी छात्र-छात्राओं की उपस्थिति रही। न्यायाधीश के रूप में विभागाध्यक्ष डॉ सुरेश चन्द्र पाण्डेय रहे। मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. संजय पन्त (डी. एस. डब्लू) तथा विशिष्ट अतिथि प्रो० ललित तिवारी तथा डॉ० एम० एस० राना (डीन, बायो मेडिकल साइन्स) रहे। विभाग की फैकल्टी डॉ नगमा, डॉ एम एस गुसाई, डॉ वी के रंजन, डॉ कविता, डॉ शशिप्रभा एवं अन्य फैकल्टी सदस्य उपस्थित रहे।

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