October 3, 2026
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उत्तराखंड में नेचुरलिस्ट ट्रेनिंग कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ

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नेचुरलिस्ट ट्रेनिंग, टूर गाइड ट्रेनिंग, स्ट्रीट फूड उद्यमी प्रशिक्षण तथा एस्ट्रो टूर गाइड प्रशिक्षण शामिल

देहरादून। उत्तराखंड पर्यटन विभाग एवं पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी स्किल काउंसिल (टी एच एस सी) के संयुक्त तत्वावधान में आज देहरादून स्थित मंथन हॉल, वन मुख्यालय में नेचुरलिस्ट ट्रेनिंग कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। यह पंद्रह दिवसीय उन्नत स्तर (एडवांस्ड लेवल) का प्रशिक्षण राज्य के उन युवाओं, गाइड्स और प्रकृति प्रेमियों के लिए आयोजित किया जा रहा है, जो पारिस्थितिकी, जैव विविधता संरक्षण और सतत पर्यटन (सुस्तनेबल टूरिज्म) के क्षेत्र में अपना योगदान देना चाहते हैं।
इस अवसर पर पर्यटन सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल ने अपने संदेश में कहा कि उत्तराखंड पर्यटन विभाग 17 अगस्त से चार प्रमुख प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू कर रहा है, जिनमें नेचुरलिस्ट ट्रेनिंग, टूर गाइड ट्रेनिंग, स्ट्रीट फूड उद्यमी प्रशिक्षण तथा एस्ट्रो टूर गाइड प्रशिक्षण शामिल हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से लगभग 2300 प्रतिभागियों को प्रशिक्षण का लाभ मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि ये सभी पहल न केवल राज्य के पर्यटन क्षेत्र को नई दिशा देंगे, बल्कि स्थानीय समुदायों को रोजगार और आत्मनिर्भरता से भी जोड़ेंगे। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम उत्तराखंड के सतत पर्यटन मॉडल को मजबूत करने की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल ने उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तराखंड की प्राकृतिक धरोहर को संरक्षित रखने और इसे पर्यटन के माध्यम से वैश्विक पहचान दिलाने के लिए इस प्रकार की पहल अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रशिक्षुओं का उत्साहवर्धन करते हुए यह भी कहा कि इस प्रशिक्षण से न केवल गाइडिंग कौशल में वृद्धि होगी, बल्कि यह स्थानीय समुदायों की आजीविका को भी मजबूती प्रदान करेगा।
इस अवसर पर विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित पद्मभूषण डॉ. अनिल जोशी, सुश्री पूनम चन्द, अपर निदेशक पर्यटन विभाग, उत्तराखंड डॉ. एम. मधु, निदेशक, आईसीएआर इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ सोइल एन्ड वाटर कंसर्वेशन, अंजलि भरतरी, को-कन्वीनर, इंटच, काहकशां नसीम, अपर सचिव, उत्तराखंड वन विभाग, तथा बृजेन्द्र पाण्डेय, जिला पर्यटन विकास अधिकारी सहित पर्यटन और वन विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं गणमान्य अतिथि भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान डॉ. सेजल वोरा, प्रोग्राम डायरेक्टर, (डब्लूडब्लूएफ) ने “जबरखेत कम्युनिटी मॉडल एवं नेचर रिज़र्व” पर एक विशेष प्रस्तुति दी, जिसमें उन्होंने बताया कि किस प्रकार स्थानीय समुदायों की भागीदारी से प्रकृति संरक्षण और पर्यटन विकास को संतुलित किया जा सकता है। उपस्थित प्रतिभागियों ने इस प्रस्तुति को अत्यंत प्रेरणादायक माना। पूनम चन्द, अपर निदेशक पर्यटन विभाग, उत्तराखंड ने अपने संबोधन में कहा कि पर्यटन विभाग राज्य के युवाओं को अवसर प्रदान करने और उन्हें वैश्विक पर्यटन उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि इस प्रशिक्षण से राज्य के गाइड्स को व्यावहारिक और उन्नत स्तर का ज्ञान प्राप्त होगा, जिससे वे देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को और भी बेहतर अनुभव प्रदान कर सकेंगे। उल्लेखनीय है कि यह नेचुरलिस्ट प्रशिक्षण उत्तराखंड में आयोजित किया जाने वाला एक एडवांस्ड स्तर का कार्यक्रम है। इसमें प्रतिभागियों को इको-टूरिज़्म, जैव विविधता संरक्षण, प्रकृति व्याख्या, ट्रेल गाइडिंग, सुरक्षा, आपातकालीन प्रबंधन और अतिथि प्रबंधन जैसे विषयों पर विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस पहल से प्रशिक्षु न केवल अपने कौशल में निखार लाएंगे बल्कि वे उत्तराखंड की समृद्ध प्राकृतिक धरोहर के संरक्षण और संवर्द्धन में भी योगदान देंगे।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रतिभागी, प्रकृति प्रेमी, गाइड्स और स्थानीय समुदाय के प्रतिनिधि शामिल हुए।

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