September 23, 2026
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एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत

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कुलपति प्रो. दीवान एस. रावत

जुरासिक युग के ‘जिंकगो बिलोबा’ वृक्षों का किया पौधारोपण

नैनीताल। सरोवर नगरी के कुमाऊँ विश्वविद्यालय मे ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत कुलपति प्रो. दीवान एस. रावत ने जुरासिक युग के ‘जिंकगो बिलोबा’ वृक्षों का किया पौधारोपण। बता दें कुमाऊँ विश्वविद्यालय, नैनीताल में आज शनिवार को एक विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका नेतृत्व कुलपति प्रो. दीवान एस. रावत ने किया। यह आयोजन विश्वविद्यालय के ऐतिहासिक हरमिटेज परिसर में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ थीम के अंतर्गत किया गया, जिसमें कुलपति प्रोफेसर रावत ने देवदार, चिनार, और जिंकगो बिलोबा जैसे महत्वपूर्ण व दुर्लभ वृक्षों का रोपण किया।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. रावत ने कहा कि यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश देती है, बल्कि इससे हमारी भावनात्मक और पारिवारिक जड़ों से भी गहरा संबंध बनता है। उन्होंने कहा कि हमारी माँ हमें जीवन देती हैं और वृक्ष हमें जीवनदायिनी ऑक्सीजन। ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान एक ऐसी पहल है जो प्रकृति और परिवार के मूल्यों को जोड़ती है। लेकिन हमें यह भी याद रखना चाहिए कि वृक्षारोपण के साथ-साथ उनका संरक्षण और संवर्धन भी उतना ही जरूरी है।” जिंकगो बिलोबा, जो कि जुरासिक युग का जीवित अवशेष माना जाता है, का रोपण इस कार्यक्रम की विशेष उपलब्धि रही। यह वृक्ष अत्यंत दुर्लभ है और इसे विश्वभर में “जीवित जीवाश्म” के रूप में जाना जाता है। साथ ही इसके औषधीय गुण भी वैज्ञानिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के पीआरओ व एनसीसी अधिकारी डॉ. रीतेश साह ने भी पौधारोपण में भाग लिया। उपस्थित लोगों में डॉ. राजेन्द्र बोरा, जसोद बिष्ट, जतिन, कमल, सुरेन्द्र और भुवन जोशी शामिल रहे और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। कुलपति प्रो. रावत ने विश्वविद्यालय के हर परिसर को हरित और टिकाऊ बनाने की दिशा में चल रहे प्रयासों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में हरित परिसर नीति, सौर ऊर्जा का प्रयोग, जल संरक्षण, और हर्बल गार्डन की स्थापना जैसे कार्य निरंतर किए जा रहे हैं।

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