October 4, 2026
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व्याख्यान मलेरिया निदान और वैक्सीन अनुसंधान में हालिया प्रगति विषय पर

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डॉ. पांडेय ने मलेरिया को एक प्रमुख सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या के रूप में प्रस्तुत किया

नैनीताल। सरोवर नगरी में कुमाऊं विश्वविद्यालय के डी एस बी परिसर के आर्ट्स ऑडिटोरियम में डॉ. कैलाश सी. पांडेय, वैज्ञानिक-एफ, आईसीएमआर-एनआईएमआर (राष्ट्रीय मलेरिया अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली) द्वारा एक शैक्षणिक व्याख्यान प्रस्तुत किया गया। बता दें कार्यक्रम की शुरुआत कुलगीत से प्रारंभ व्याख्यान में राष्ट्रगान से संपन्न हुआ तथा अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन किया गयाl इस दौरान
डॉ. पांडेय एक जीवि विज्ञान और प्रतिरक्षा विज्ञान के क्षेत्र में एक प्रसिद्ध विशेषज्ञ हैं। उनका व्याख्यान मलेरिया निदान और वैक्सीन अनुसंधान में हालिया प्रगति विषय पर केंद्रित था। डॉ. पांडेय ने मलेरिया को एक प्रमुख सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या के रूप में प्रस्तुत करते हुए अपना व्याख्यान आरंभ किया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 83 देशों में लगभग 263 मिलियन मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 94% मामले और 95% मृत्यु अफ्रीकी क्षेत्र में होती हैं। व्याख्यान में मलेरिया वैक्सीन विकास पर चल रहे प्रयासों की विस्तृत समीक्षा भी प्रस्तुत की गई। उन्होंने विशेष रूप से डब्ल्यूएचओ द्वारा अनुमोदित पहली मलेरिया वैक्सीन आर टी एस एस तथा ए एस ओ o1 (मॉस्क्वीरिक्स) के विकास और कार्यान्वयन पर प्रकाश डाला। उन्होंने यह भी समझाया कि एंटीजनिक परिवर्तन, प्रतिरक्षा से बचने की प्रक्रियाएं, तथा वेक्टर-मेज़बान-परजीवी की पारस्परिक क्रियाएं, वैक्सीन की प्रभावकारिता (जो केवल 30-35% है) को जटिल बना देती हैं। डॉ पांडे नए कहा कि एक्सपोर्टेड प्रोटीन 1 मलेरिया में बहुत महत्पूर्ण हैं ,जो आर डी ई टी टारगेट के बराबर है। उन्होंने कहा कि ये बॉडी से एंटीजन को कैप्चर करने का काम करता है । वर्तमान में मोनोक्लोनल एंटीबॉडी एक्सपोर्टेड प्रोटीन के विरुद्ध का कार्य किया जा रहा है तथा मोनोक्लोनल एंटीबॉडी भविष्य में मलेरिया में कारगर होगी। यह व्याख्यान न केवल एक मूल्यवान शैक्षणिक अनुभव रहा, बल्कि यह संक्रामक रोगों, विशेष रूप से मलेरिया के क्षेत्र में चल रहे और भविष्य के अनुसंधान के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बना। कार्यक्रम का संचालन निदेशक विजिटिंग प्रोफेसर पर ललित तिवारी ने किया । विभागाध्यक्ष प्रो हरीश बिष्ट ने सभी का स्वागत किया तथा संकायाध्यक्ष प्रॉफ चित्रा पांडे ने सभी का धन्यवाद किया। डॉ कैलाश चंद्र पांडे बागेश्वर जिले के रहने वाले है तथा उन्हें शिवाल उड़ाकर तथा प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर
आज के कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ कैलाश पाण्डे प्रो. चित्रा पांडे (डीन साइंस) प्रो. ललित मोहन तिवारी (वनस्पति विज्ञान विभागाध्यक्ष) प्रो. एच.सी.एस. बिष्ट (जंतु विज्ञान विभागाध्यक्ष), डॉ दीपिका गोस्वामी ,डॉ हिमांशु लोहनी ,डॉ. कुबेर गिंती, डॉ. उज्मा, डाॅ. नवीन पांडे, डाॅ. दीपक मलकानी,डॉ. दिव्या पांगती, डाॅ. नगमा, डाॅ. संदीप मंडोली, डाॅ. राशि,डॉ. सीता देवली, डाॅ. नेत्रपाल सहित शोधार्थी आनंद कुमार, विशाल बिष्ट, लता नितवाल, गौरव प्रसाद , वसुंधरा , प्रिया ,दिशा ,लक्ष्मी , सहित बड़ी संख्या में प्री पी एच डी के विद्यार्थी ,जंतु विज्ञान ,वनस्पति विज्ञान के विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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